दुबई में एशियाई चैंपियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर चुके भारतीय मुक्केबाज कुछ दिनों के ब्रेक के बाद तीन सप्ताह के प्रशिक्षण के लिए विदेश रवाना होंगे। भारतीय मुक्केबाजों ने दो स्वर्ण, पांच रजत और आठ कांस्य सहित कुल 15 पदक जीते।
भारतीय पुरुष मुक्केबाजी के उच्च प्रदर्शन निदेशक सैंटियागो नीवा ने कहा कि खिलाड़ी 23 जुलाई से शुरू होने वाले ओलंपिक से पांच से सात दिन पहले टोक्यो पहुंचेंगे। हम अभ्यास के लिए विदेश जाएंगे। इसकी योजना बन रही है और अगले कुछ दिनों में जगह तय कर ली जाएगी। यह तीन सप्ताह का शिविर होगा।
हम कुछ चीजों को ठीक करने के लिए भारत वापस आएंगे, और फिर खेलों से पांच-सात दिन पहले टोक्यो जाएंगे।’ कोविड-19 से उत्पन्न खतरे के कारण भारत में खिलाड़ियों को अभ्यास का ज्यादा मौका नहीं मिला। ओलंपिक जाने वालों में सिर्फ पूजा रानी (75 किग्रा) ही स्वर्ण पदक जीत सकी।
मैरीकॉम (51 किग्रा) और अमित पंघाल (52 किग्रा) के खाते में रजत तो विकास कृष्ण (69 किग्रा), सिमरनजीत कौर (60 किग्रा) और लवलीना बोरगोहेन (69 किग्रा) को कांसे से संतोष करना पड़ा। आशीष चौधरी (75 किग्रा) क्वार्टर फाइनल में हार गए। मनीष कौशिक (63 किग्रा) और सतीश कुमार (91 किग्रा से अधिक) बीमारी के कारण यात्रा नहीं कर सके।