हरियाणवी बॉक्सर पूजा रानी को एशियाई चैंपियनशिप में बिना लड़े सेमीफाइनल में प्रवेश दिया गया तो सोशल मीडिया पर एक तबके ने चुटकी ली कि यहां तो बिना लड़े पदक पक्का हो गया। महिला बॉक्सिंग टीम के कोच मुहम्मद अली कमर को अहसास था कि पूजा सेमीफाइनल में हारीं तो भी उन्हें कांस्य पदक मिल जाएगा, लेकिन उन्हें ऐसा पदक नहीं चाहिए था।
अली ने खुलासा किया कि वह पूजा के पास गए और कहा कि उन्हें स्वर्ण पदक की लड़ाई लडनी है। पूजा को उस वक्त लगा कि कोच मजाक कर रहे हैं। वह खुद और उनके साथ खड़ीं दूसरी बॉक्सर यह सुनकर हंस पड़े। अली ने उस वक्त पूजा को डांटा और कहा कि वह गंभीर हैं उन्हें सेमीफाइनल जीतना होगा।
अली ही नहीं इटालियन कोच राफेल बरगामास्को ने पूजा का डर हवा करने के लिए उन्हें अपने देश के एक ओलंपिक मेडलिस्ट की कहानी सुनाई। जिसे खुद नहीं मालूम था कि वह क्या कर सकता है। यही कहानी पूजा के लिए प्रेरणा बन गई। उन्होंने 10 साल के कैरियर में जिस बुलंदी को नहीं छुआ उसे एशियाई चैंपियन बनकर हासिल कर लिया।
अली, राफेल ने खुलासा किया कि फाइनल में चीनी वर्ल्ड चैंपियन लीना के खिलाफ बाउट से पहले उन्हें सिडनी ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता सुपर हैवीवेट बॉक्सर पाउलो विदोज के बारे में बताया। विदोज बेहद ताकतवर थे, लेकिन उन्हें इसका अहसास नहीं था। क्यूबा के रूबलकाबा के खिलाफ उनका मुकाबला था जिसमें रूबलकाबा की अच्छी शुरूआत रही, इस दौरान विदोज ने उन पर जोरदार पंच जड़ दिया। राउंड खत्म होने के बाद विदोज से कहा गया कि उनमें पंच जडने की क्षमता है बस अपने पर विश्वास करना होगा। विदोज ने अपनी क्षमता को पहचाना और रूबलकाबा को बुरी तरह हराया। पूजा ने भी माना कि कोच का यह तरीका उनके काम आया।
अमित के लिए है बड़ी खुशी है रात के खाने की आजादी
एशियन गेम्स चैंपियन अमित पंघाल के लिए 49 से 52 किलो भार वर्ग में जाना एक ओर चिंता का विषय था तो दूसरी ओर खुशी की बात भी थी। चिंता नए भार में स्थापित करने की थी और खुशी रात में मनमाफिक खाने की थी। गौरव बिधूड़ी के साथ अर्जुन अवार्ड के लिए नामित अमित के मुताबिक 52 किलो में एशियाई चैंपियन बनकर उनका डर निकल गया है। उनका वजन 52-53 के आसपास रहता है। 49 किलो में खेलने के दौरान कई बार भार कम करने के लिए रात में पानी का घूंट पीकर सोना पड़ता था, लेकिन अब रात में वह जलेबी के साथ कुछ भी मनमाफिक खाते हैं।