ओलंपिक में देश की पहली महिला पदक विजेता कर्णम मल्लेश्वरी को यमुनानगर में वेटलिफ्टिंग की अकादमी खोलने के लिए सिडनी ओलंपिक में जीते गए पदक के बदले मिली राशि को दांव पर लगानी पड़ी है। मल्लेश्वरी ने कहा कि उन्होंने अकादमी की जमीन के लिए सरकार से कई बार मदद मांगी लेकिन नहीं की। नतीजन उन्हें ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप के पदकों के मिले कैश अवॉर्ड को अकादमी के लिए लगाना पड़ा। यहां वह गरीब बच्चों को मुफ्त में ट्रेनिंग दे रही हैं।
बीबीसी महिला स्पोर्ट्स अवॉर्ड के मौके पर मल्लेश्वरी ने कहा कि उनकी अकादमी में 55 गरीब बच्चे ट्रेनिंग ले रहे हैं, जिनसे वह कोई पैसा नहीं ले रही हैं। हालांकि केंद्र सरकार ने हाल ही में उनकी अकादमी के लिए पांच करोड़ रुपये की मदद की है। इस राशि से वह खुद से खरीदी गई जमीन पर इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करवा रही हैं। फिलहाल यह अकादमी किराए की जमीन पर चल रही है।