अमूमन किसी भी चैंपियनशिप या खेलों में भाग लेने के लिए रहने-खाने से लेकर हवाई यात्रा का खर्च उठाना पड़ता है, लेकिन एनआरएआई ने मेजबानी के लिए सभी शूटरों के लिए यह चैंपियनशिप मुफ्त कर दी है। हालांकि एनआरएआई ने यह भी साफ किया है कि उसकी ओर से गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में खेलने वाले देशों के उतने ही शूटरों का खर्च उठाया जाएगा जितने शूटर इन खेलों में खेले थे।
गोल्ड कोस्ट में 38 देशों के कुल 282 शूटरों ने शिरकत की थी। 2010 के दिल्ली कॉमनवेल्थ खेलों में भाग लेने वाले देशों के खिलाडिय़ों का खर्च आयोजकों ने उठाया था। शूटिंग की चैंपियनशिप का खर्च जहां एनआरएआई उठाने जा रही है। वहीं तीरंदाजी इवेंट का खर्च सरकार उठाएगी, लेकिन तीरंदाजों के खर्च उठाने पर कोई फैसला नहीं हुआ है।
एनआरएआई के अध्यक्ष रणइंदर सिंह ने अमर उजाला से स्वीकार किया कि शूटरों का सारा खर्च उठाने का प्रस्ताव दिया गया है। ऐसा हर हाल में चैंपियनशिप की मेजबानी हासिल करने के लिए किया गया है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि इस चैंपियनशिप के आयोजन पर 10 करोड़ का खर्च आने की उम्मीद है।