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पाक शूटरों को वीजा नहीं दिए जाने का मामला गहराया, पड़ोसी देश बोला दिल्ली विश्व कप से हटे ओलंपिक कोटा

Wed, 20 Feb 2019 11:15 PM IST
Mukesh Jha हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला
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निशानेबाजी
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टोक्यो ओलंपिक क्वालिफाइंग दिल्ली विश्व कप में पाकिस्तानी शूटरों को भारत की ओर से वीजा नहीं दिए जाने का मामला बुरी तरह गहराया गया है। पाकिस्तान नेशनल शूटिंग एसोसिएशन (पीएनआरए) ने इंटरनेशनल शूटिंग स्पोट्र्स फेडरेशन (आईएसएसएफ) को लिखा है कि दिल्ली विश्व कप से रैपिड फायर पिस्टल इवेंट के दो ओलंपिक कोटा को हटाकर इसे बीजिंग विश्व कप स्थांतरित कर दिया जाए।

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यही नहीं इस मामले में पाकिस्तान ओलंपिक एसोसिएशन भी कूद पड़ा है। उसने भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक परिषद (आईओसी) से भी शिकायत की है। आईएसएसएफ इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा है। उसने खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ से गुरुवार को मिलने का समय मांगा है।

आईएसएसएफ और नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया इस मामले को सुलझाने में लगे हैं। अगर यह साबित हो जाता है कि भारत ने पाक शूटरों को जानबूझकर वीजा नहीं दिया है तो भविष्य में उसके अंतराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी पर आईओसी ग्रहण लगा सकता है। 
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पीएनआरए के कार्यकारी उपाध्यक्ष जावेद लोधी ने अमर उजाला से खुलासा किया कि उन्होंने आईएसएसएफ और पीओए को सारी स्थिति से अवगत करा दिया है। अब पीओए ने इस मामले को आईओसी के समक्ष उठाया है। वहीं आईएसएसएफ सेक्रेटरी जनरल अलेक्जेंडर रैटनर का कहना है कि इस मामले में उन्हें आईओसी के जो भी निर्देश मिलेंगे वह वैसा ही करेंगे। उन्होंने मामले का हल निकालने के लिए भारत के खेल मंत्री से मिलने का समय मांगा है।

रैटनर ने स्वीकार किया कि पीएनआरए ने दिल्ली विश्व कप से रैपिड फायर के दो ओलंपिक कोटा को बीजिंग स्थांतरित करने को कहा है जिससे उनके शूटरों का हक नहीं छीना जा सके। पाक शूटरों का हक नहीं मारा जाए इस पर भी आईएसएसएफ विचार कर रहा है, लेकिन इस पर अंतिम फैसला आईओसी लेगी। 

रैटनर ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर उनकी एनआरएआई से बात हो रही है और पाकिस्तानी शूटरों को आतंकी हमले के चलते वीजा नहीं दिए जाने के चलते होने वाले परिणामों पर भी चर्चा चल रही है। आईएसएसएफ ने स्वीकार किया कि इसके परिणाम काफी गंभीर है। इसमें सभी खेलों में भारत के मेजबानी के हक पर भी ग्रहण लग सकता है।

एनआरएआई को विवाद सुलझने की उम्मीद
एनआरएआई का कहना है कि इस मामले में उनकी कोई गलती नही है। उन्होंने वीजा की प्रक्रिया दो माह पूर्व ही शुरू करा दी थी, लेकिन यह पूरी तरह राजनैतिक मामला है। जिसके चलते पाक शूटरों को वीजा नहीं मिला है। एनआरएआई ने आईएसएफएफ से सारी स्थिति स्पष्ट कर दी है। फेडरेशन को उम्मीद है कि यह विवाद सुलझ जाएगा को दिल्ली विश्व कप से रैपिड फायर का कोटा नहीं हटाया जाएगा।

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