राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) के अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि 2022 बर्मिंघम खेलों के रोस्टर में शूटिंग को नहीं जोड़ा जाएगा। भारतीय ओलंपिक संघ के बहिष्कार के खतरे के बावजूद भी इस मामले में इस तरह की बात कही गई है। इस मसले पर सीजीएफ प्रमुख लुईस मार्टिन और सीईओ डेविड गेवमबर्ग शुक्रवार को आईओए प्रमुख नरेंद्र बत्रा और महासचिव राजीव मेहता से मुलाकात करेंगे।
सीजीएफ मीडिया एंड कम्युनिकेशंस के निदेशक टॉम डिगुन ने समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में कहा कि कहा कि जनरल असेंबली के बाद इस चरण में 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में शूटिंग को जोड़ने का कोई वास्तविक मौका नहीं है, लेकिन इस पर चर्चा होगी। आईओए खेल में भारत की उत्कृष्ट पदक गणना का हवाला देते हुए सीजीएफ को निशानेबाजी के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का प्रयास करेगा।
इससे पहले आईओए अध्यक्ष नरेंदर बत्रा पहले ही कह चुके हैं कि निशानेबाजी को बाहर करने के विरोध में खेलों का बायकाट किया जाना चाहिए। हालांकि बत्रा ने यह अपनी निजी राय बताई थी। खेलों के बायकाट के मुद्दे पर खेल संघ और खिलाड़ी बंट गए हैं। वहीं, ज्यादातर खेल संघों का यही मानना है कि खेलों का बायकाट नहीं किया जाना चाहिए।