वाडा से पहले से ही प्रतिबंधित चल रही नेशनल डोप टेस्ट लैबोरेटरी (एनडीटीएल) अब खेल मंत्रालय के नीचे नहीं रहेगी। लैब पर लगा प्रतिबंध जल्द हटे इसके लिए एनडीटीएल को इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के संरक्षण में लाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह सब वाडा के कहने पर ही किया जा रहा है। खेल मंत्रालय के कब्जे से निकलते ही लैब पर उसका कोई अधिकार नहीं रहेगा।
हाल ही में वाडा की ओर से निकाले गए इंटरनेशनल स्टैंडर्ड ऑफ लैबोरेटरीज (आईएसएल) में यह साफ किया है कि कोई भी वाडा से मान्यता प्राप्त लैब किसी भी सरकार के खेल मंत्रालय, विभाग या किसी विश्वविद्यालय के संरक्षण में नहीं रहेगी। वाडा का कहना है कि इनके संरक्षण में रहने से हितों का टकराव बनता है। हालांकि वाडा ने कहा है कि सरकारी संस्थानों से की जाने वाली आर्थिक मदद ली जा सकती है।
गवर्निंग बॉडी ने दी हरी झंडी :
सूत्र बताते हैं कि एनडीटीएल ने इसके लिए अपनी गवर्निंग बॉडी को बताकर प्रस्ताव रखा। इसमें कहा गया है कि निकट भविष्य में लैब को आईसीएमआर के संरक्षण में लाया जाएगा। इसके लिए जो भी औपचारिकताएं हैं उन्हें पूरा किया जाएगा।