खेल मंत्रालय और लैब के अधिकारियों ने हाल ही में कोटोवाइस (पोलैंड) में विश्व डोपिंग कांग्रेस के दौरान वाडा से मुलाकात कर उन्हें लैब का दौरा करने को कहा। लैब ने वाडा से कहा है कि आईआरएमएस को लेकर आपत्तियां जब तक दूर नहीं हो जाती हैं तब तक लैब के आईआरएमएस टेस्ट पर प्रतिबंध बरकरार रखते हुए इसके जरिए होने वाले टेस्टों को मान्यता दी जाए, लेकिन बाकी सभी तरह की टेस्टों की मान्यता बहाल की जाए। लैब में आने वाले आईआरएमएस टेस्ट को वाडा से मान्यता प्राप्त दूसरी लैबों से टेस्ट कराया जाएगा। वाडा की ओर से इस साल 20 अगस्त को लगाए गए प्रतिबंध में आईआरएमएस में खामियां मुख्य कारण था। 38 आपत्तियों को लैब ने पहले ही दूर कर लिया था। बाकी बची नौ में से सात को अब दूर किया गया है।
आईआरएमएस की त्रुटियां दूर करने के लिए बेल्जियम की डोको लैब, रोम लैब और स्पेन की आईआरएमएस विशेषज्ञ मारिया सांचेज की सहायता ली गई है। दिसंबर माह में दोहा लैब की निदेशक को वाडा की आपत्तियां का जायजा लेने और परीक्षण के लिए बुलाया जा रहा है, जिससे वाडा टीम के दौरे के दौरान कोई कसर नहीं रह जाए।
प्रतिबंध के बाद लैब में खुले और बंद पड़े 45 सैंपलों को आईआरएमएस टेस्ट के लिए रोम लैब भेजा गया है। यही नहीं वाडा ने एक जनवरी 2016 से 20 अगस्त 2019 तक एनडीटीएल में आईआरएमएस के जरिए पॉजिटिव पाए गए 38 सैंपलों का डाक्यूमेंटेशन पैकेज भी मांगा है। लैब की ओर से इन सैंपलों का रिकार्ड भी वाडा को भेजा गया है।