वह दिन दूर नहीं जब खेलों की दुनिया के सबसे महंगे और नामी एनबीए सितारों का जमावड़ा भारत में लगेगा। ये बास्केटबाल खिलाड़ी भारत में मौजमस्ती के लिए नहीं बल्कि सांसों को थामने वाले एनबीए मुकाबले के लिए एकजुट होंगे। एनबीए के डिप्टी कमिश्नर मार्क टेटम ने खुलासा किया है कि एनबीए के ग्लोबल मुकाबले भारत में कराने की तैयारी की जा रही है। यह मुकाबला दिल्ली या फिर मुंबई में कराया जाएगा।
टेटम साफ करते हैं कि भारतीयों की उम्मीदों से परे एनबीए ग्लोबल मैच बहुत जल्द भारत में होगा। हालांकि टेटम इसमें सबसे बड़ी बाधा उच्चस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर का नहीं होना बताते हैं, लेकिन इसे भी दूर करने की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। यही कारण है कि एनबीए ग्लोबल मैच दिल्ली या फिर मुंबई में कराने की योजना बनाई गई है। दरअसल एनबीए अपना सत्र शुरू होने से पहले प्री सीजन मुकाबले कराता है। इनमें से कुछ मुकाबले ऐसे देशों में कराए जाते हैं जहां एनबीए बास्केटबाल को प्रोत्साहित करने के लिए काम कर रहा है। अब तक यह मुकाबले चीन, जापान, इस्राइल, बहामास, प्यूर्टो रिको, मेक्सिको, रूस, फिलीपींस में होते हैं अब इस कड़ी में अगला नाम भारत का जुड़ने वाला है।
दस साल में भारत से बड़े नाम निकालने का लक्ष्य
भारत में बास्केटबाल की जड़े स्थापित करने के लिए एनबीए पहले ही काम शुरू कर चुकी है। इसके लिए पूरी दुनिया की सात में से एनबीए की एक अकादमी ग्रेटर नोएडा में स्थापित की जा चुकी है। एनबीए जूनियर कार्यक्र्तम शुरू किया जा चुका है। टेटम भारत में बास्केटबाल की प्रतिभाओं से हैरान हैं, लेकिन ऊपर आने के लिए उन्हें एक सितारे की जरूरत है। जिस तरह चीन में याओ मिंग के पीछे सभी भागते हैं वैसा ही नाम भारत को चाहिए, लेकिन इसकी शुरूआत हो चुकी है। सतनाम सिंह को एनबीए में ड्राफ्ट किया जा चुका है। अमज्योत सिंह जी लीग में खेल रहे हैं और आशय वर्मा, अमन संधू जैसे प्रतिभाशाली लाइन में हैं। उन्हें उम्मीद है कि पांच से 10 सालों में बड़े बास्केटबाल खिलाडिय़ों की लाइन भारत से लगने लगेगी।
आईपीएल से प्रभावित हैं एनबीए डिप्टी कमिश्नर
एनबीए को देखकर भारत में आईपीएल की शुरूआत हुई, लेकिन मार्क टेटम आईपीएल के प्रशंसक हैं। वह खुद आईपीएल मुकाबला देखने भारत आ चुके हैं। उन्होंने मुंबई में मुंबई इंडियंस का मैच कारपोरेट बॉक्स में नहीं बल्कि आम दर्शकों के बीच बैठकर देखा। उन्हें इस बात की खुशी हैं कि आईपीएल में क्र्तिकेट के मूल को छेड़े बिना इतना रोचक अंदाज पेश किया गया है। यही एनबीए ने भी किया है। टेटम यह भी आशा जताते हैं क्र्तिकेट भारत का नंबर एक खेल है, लेकिन आने वाले सालों में वह बास्केटबाल को भारत का नंबर दो खेल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।