नाडा की ओर से क्लीन चिट मिलने के बाद रियो ओलंपिक में खेलने को तैयार बैठे नरसिंह यादव को अब नया डर सता रहा है। उन्हें डर है कि उनके शरीर में कहीं अब तक प्रतिबंधित स्टेरायड न रह गया हो।
यही वजह है कि क्लीन चिट मिलने के बावजूद नरसिंह अब तक नाडा के समक्ष डोप टेस्ट कराने के लिए नहीं पहुंचे हैं। कुश्ती संघ की ओर से उन्हें 10 अगस्त को रियो भेजने का कार्यक्रम है, लेकिन डोप टेस्ट नहीं होने के चलते अब उनका तय कार्यक्रम पर रियो जाना मुश्किल हो गया है।
अब उन्हें रियो के लिए अंतिम क्षणों में भेजा जा सकता है। वहीं नाडा और यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने नरसिंह के फैसले के खिलाफ अपील करने से इंकार कर दिया है, लेकिन वाडा ने अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं की है। क्लीन चिट मिलने के बाद नरसिंह को पहला काम अपना डोप टेस्ट कराना था।
हालांकि नियमानुसार इसकी कोई बाध्यता नहीं है, लेकिन नरसिंह के मन में इस बात का डर है कि उनके शरीर में प्रतिबंधित स्टेरायड अब तक रह सकता है। ऐसे में अगर रियो जाने के लिए वह खुद से टेस्ट कराते हैं और इसमें फंस जाते हैं तो वह डोप पॉजिटिव माने जाएंगे। उनके खिलाफ फिर से कार्रवाई शुरू होगी। अगर वह रियो में पॉजिटिव पाए जाते हैं तो और भी मुश्किल होगी। वहां उनका अपनी बेगुनाही साबित करना भी मुश्किल होगा।