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डरे हुए हैं नरसिंह, डोप टेस्ट के लिए अब तक नहीं पहुंचे

Sat, 06 Aug 2016 11:08 AM IST
हेमंत रस्तोगी/अमर उजाला, नई दिल्ली
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नरसिंह यादव - फोटो : pti
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नाडा की ओर से क्लीन चिट मिलने के बाद रियो ओलंपिक में खेलने को तैयार बैठे नरसिंह यादव को अब नया डर सता रहा है। उन्हें डर है कि उनके शरीर में कहीं अब तक प्रतिबंधित स्टेरायड न रह गया हो।
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यही वजह है कि क्लीन चिट मिलने के बावजूद नरसिंह अब तक नाडा के समक्ष डोप टेस्ट कराने के लिए नहीं पहुंचे हैं। कुश्ती संघ की ओर से उन्हें 10 अगस्त को रियो भेजने का कार्यक्रम है, लेकिन डोप टेस्ट नहीं होने के चलते अब उनका तय कार्यक्रम पर रियो जाना मुश्किल हो गया है।

अब उन्हें रियो के लिए अंतिम क्षणों में भेजा जा सकता है। वहीं नाडा और यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग ने नरसिंह के फैसले के खिलाफ अपील करने से इंकार कर दिया है, लेकिन वाडा ने अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं की है। क्लीन चिट मिलने के बाद नरसिंह को पहला काम अपना डोप टेस्ट कराना था।
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हालांकि नियमानुसार इसकी कोई बाध्यता नहीं है, लेकिन नरसिंह के मन में इस बात का डर है कि उनके शरीर में प्रतिबंधित स्टेरायड अब तक रह सकता है। ऐसे में अगर रियो जाने के लिए वह खुद से टेस्ट कराते हैं और इसमें फंस जाते हैं तो वह डोप पॉजिटिव माने जाएंगे। उनके खिलाफ फिर से कार्रवाई शुरू होगी। अगर वह रियो में पॉजिटिव पाए जाते हैं तो और भी मुश्किल होगी। वहां उनका अपनी बेगुनाही साबित करना भी मुश्किल होगा।
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दूसरे डोप टेस्ट में पहले भी हो चुकी है फंसने की घटना

पहलवान नरसिंह यादव - फोटो : Getty
सूत्रों के मुताबिक इसी वजह से नरसिंह मुंबई में अपनी निजी डॉक्टर के संपर्क में हैं। यह डॉक्टर उनके कुछ टेस्ट करा रहा है, जिससे अंदाजा लग सकता है कि उनके शरीर में स्टेरायड की मात्रा रह गई है या नहीं। हालांकि देश में एनडीटीएल के अलावा इस बात का पता कोई और लैब नहीं कर सकती है।

नरसिंह इसी को लेकर चिंतित हैं। यही कारण है कि वह अब तक नाडा के समक्ष डोप टेस्ट के लिए हाजिर नहीं हुए हैं। वहीं कुश्ती संघ ने शुक्रवार की शाम उन्हें डोप टेस्ट कराने के लिए कह दिया। अब यह नरसिंह को ही फैसला लेना है कि उन्हें कब नाडा के समक्ष डोप टेस्ट कराना है।

दरअसल नरसिंह के सामने उनके ही साथी पहलवान परवेश का उदाहरण सामने है। यह पहलवान अपना प्रतिबंध पूरा करने के बाद नाडा के समक्ष डोप टेस्ट देने गया, लेकिन इस टेस्ट में भी वह पॉजिटिव पाया गया। नतीजन उस पर एक बार फिर प्रतिबंध ठोक दिया गया।
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