पूर्व चैंपियन एल सरिता देवी (60 किग्रा) पर भी सभी की नजरें होंगी। उन्होंने ट्रायल में शानदार प्रदर्शन करते हुए पिछली बार की कांस्य पदक विजेता और अपने से कहीं अधिक युवा सिमरनजीत कौर को हराया।
इंडिया ओपन की स्वर्ण पदक विजेता नीरज (57 किग्रा) और जमुना बोरो (54 किग्रा) उन पांच मुक्केबाजों में शामिल हैं जो इस प्रतियोगिता में पदार्पण करेंगी और उलटफेर करने में सक्षम हैं। इसके अलावा 75 किग्रा वर्ग में पूर्व एशियाई चैंपियन स्वीटी बूरा पर नजरें रहेंगी। उन्होंने 2014 में इस प्रतियोगिता में रजत पदक जीता था।
मैरी कॉम के पसंदीदा भारवर्ग रहे 48 किग्रा वर्ग में इस बार मंजू रानी चुनौती पेश करेंगी।
भारत ने इस टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2006 में किया था जब इस प्रतियोगिता की मेजबानी करते हुए उसने मैरी कॉम और सरिता के स्वर्ण पदक सहित आठ पदक जीते थे।
मंजू रानी (48 किग्रा), एमसी मैरी कॉम (51 किग्रा), जमुना बोरो (54 किग्रा), नीरज (57 किग्रा), सरिता देवी (60 किग्रा), मंजू बोमबोरिया (64 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (69 किग्रा), स्वीटी बूरा (75 किग्रा), नंदिनी (81 किग्रा) और कविता चहल (81 किग्रा से अधिक)।