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निखत के आरोपों पर गुस्साई मैरीकॉम बोलीं मैं लड़ने से नहीं डरती, अभिनव बिंद्रा को भी सुनाई खरी-खरी

Sat, 19 Oct 2019 06:24 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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मैरी कॉम और निखत जरीन - फोटो : अमर उजाला
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छह बार की महिला विश्व चैंपियन मुक्केबाज एमसी मैरी कॉम और युवा मुक्केबाज निखत जरीन के बीच ओलंपिक क्वालीफायर को लेकर चला आ रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। जरीन ने चीन में अगले साल होने वाले ओलंपिक क्वॉलिफायर के लिए भारतीय टीम के चयन से पहले मैरीकॉम (51 किग्रा) के खिलाफ ट्रायल मुकाबला आयोजित करने की मांग की। खेलमंत्री किरेन रिजिजू को शिकायती पत्र भी लिखा, जिसके बाद अब मैरीकॉम ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि वह ओलंपिक क्वॉलिफायर के लिए ट्रायल्स में निकहत जरीन से भिड़ने से नहीं डरती क्योंकि यह महज एक 'औपचारिकता' भर होगी।

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मैरीकॉम ने यहां एक सम्मान समारोह के दौरान कहा, 'यह फैसला बीएफआई द्वारा लिया जा चुका है। मैं नियम नहीं बदल सकती। मैं सिर्फ प्रदर्शन कर सकती हूं। वो जो भी फैसला करेंगे, मैं उसका पालन करूंगी। मैं उससे (जरीन) से भिड़ने से नहीं डरती, मुझे ट्रायल्स से कोई परेशानी नहीं है।' साथ-साथ मैरीकॉम ने ओलंपिक गोल्ड मेडलिस्ट भारतीय शूटर अभिनव बिंद्रा को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उन्हें मुक्केबाजी में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

मैरीकॉम ने कहा, ‘बिंद्रा ओलंपिक स्वर्ण पदक जीत चुके हैं, लेकिन मैंने भी विश्व चैम्पियनशिप में कई स्वर्ण पदक जीते हैं। मुक्केबाजी में हस्तक्षेप या दखल देना, उनका इससे कोई लेना देना नहीं है। मैं निशानेबाजी के बारे में बात नहीं करती इसलिए उनके लिए बेहतर यही होगा कि वह मुक्केबाजी पर चुप रहें। वह मुक्केबाजी के नियम नहीं जानते। मुझे नहीं लगता कि अभिनव भी हर निशानेबाजी टूर्नामेंट से पहले ट्रायल्स के लिए जाते होंगे।'

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आखिर क्या है पूरा मामला?

मैरी कॉम और निखत जरीन - फोटो : ट्विटर

दरअसल, गुरुवार को बिंद्रा ने जरीन की मैरीकॉम के खिलाफ ट्रायल कराने की मांग का समर्थन किया था, लेकिन ओलंपिक कांस्य पदकधारी मेरीकॉम को यह बात पसंद नहीं आई।

इसके पहले भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (BFI) ने कहा था कि मैरीकॉम (51 किग्रा) के हाल में रूस में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए वह छह बार की विश्व चैंपियन को चुनने का इरादा रखता है।

उन्होंने कहा, 'मैंने सैफ खेलों के बाद से उसे कई बार हराया है, लेकिन वह फिर भी मुझे चुनौती देती रहती है। मेरा मतलब है कि इसकी क्या जरूरत है? यह महज एक औपचारिकता है। बीएफआई भी जानता है कि ओलिंपिक में कौन पदक जीत सकता है।'

मैरी कॉम ने कहा, 'लोग मुझसे ईर्ष्या करते हैं।' उन्होंने कहा, 'यह पहले भी मेरे साथ हो चुका है। रिंग में प्रदर्शन करो, यही सही चीज है। बीएफआई हमें विदेशी दौरों पर भेजता है इसलिए स्वर्ण पदक के साथ लौटो और खुद को साबित करो।'

मैरीकॉम ने कहा, 'मैं उनके खिलाफ नहीं हूं। वह भविष्य में अच्छी हो सकती हैं, उसे अनुभव लेना चाहिए और उच्च स्तर के लिए तैयारियों पर ध्यान लगाना चाहिए। मैं पिछले 20 वर्षों से रिंग में लड़ रही हूं।' पुरुष टीम के चयन के लिए बीएफआई ने फैसला किया कि विश्व चैंपियनशिप के पदकधारियों को सीधे पहले ओलिंपिक क्वॉलिफायर के लिए भेजा जाएगा।

वहीं महिला वर्ग में बीएफआई ने पहले कहा था कि विश्व चैंपियनशिप में स्वर्ण और रजत पदक विजेता मुक्केबाजों का ही फरवरी में होने वाले ओलिंपिक क्वॉलिफायर के लिए सीधे चयन होगा। हालांकि बीएफआई ने अब जरीन की मांग पर अगले हफ्ते चयन समिति की बैठक बुलाने का फैसला किया है।

मैरीकॉम ने कहा कि चयन मानदंड में पुरुष और महिला वर्गों में नियम अलग अलग नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा, 'मैं इसकी परवाह नहीं करती। बीएफआई को फैसला करना चाहिए। इसमें लैंगिक समानता होनी चाहिए, पुरुषों और महिला वर्गों के लिए अलग नियम नहीं हो सकते।'
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