भारतीय स्टार एमसी मैरी कॉम (51 किलो) भले ही महिला विश्व बॉक्सिंग चैंपियनशिप में आठवां पदक पक्का करके सफलतम मुक्केबाज बन गईं, लेकिन उनका मानना है कि अभी काम अधूरा है। छह बार की चैंपियन मैरी कॉम ने 51 किलोवर्ग में कोलंबिया की वैलेंशिया विक्टोरिया को हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। उन्होंने जीत के बाद कहा, 'यह आसान था।
मैरी कॉम ने कहा, 'प्री क्वॉर्टरफाइनल की तुलना में यह आसान था। मैंने शुरू में ही अपनी प्रतिद्वंद्वी पर दबाव बना दिया। वह आक्रामक होने की कोशिश कर रही थीं लेकिन मैंने अपने मौकों का इंतजार किया। प्री क्वॉर्टर फाइनल में मिली जीत कठिन थी।
सेमीफाइनल में उनका सामना यूरोपीय चैंपियनशिप और यूरोपीय खेलों की स्वर्ण पदक विजेता बुसेनाज काकिरोग्लू से होगा। मैरी कॉम ने कहा कि यह उनसे मेरा पहला मुकाबला है, लेकिन पिछले दो प्रतिद्वंद्वियों से भी यह पहला मुकाबला था। मैं इसकी परवाह नहीं करती। मैं हमेशा से कहती आई हूं कि मैं अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ कोशिश करूंगी लेकिन नतीजे मेरे हाथ में नहीं हैं।