दस सदस्यीय टीम में युवा और अनुभवी मुक्केबाजों का मिश्रण है जिसमें 'मैग्नीफिशेंट मैरी' 48 किग्रा में चुनौती पेश करेंगी जिन्होंने गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक अपनी झोली में डाला था।
एल सरिता देवी भी काफी अनुभवी हैं, जो 60 किग्रा में चुनौती पेश करेंगी। 2006 में यहां विश्व चैम्पियनशिप के 52 किग्रा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था और दो कांस्य पदक भी जीत चुकी हैं। वह एशियाई चैम्पियनशिप में पांच स्वर्ण और एक रजत जीत चुकी हैं।
इस प्रतियोगिता में 10 वजन वर्गों में 70 देशों के 300 से ज्यादा महिला मुक्केबाज भाग लेंगी। दस देश इसमें पदार्पण कर रहे हैं जिसमें स्कॉटलैंड, माल्टा, बांग्लादेश, केमैन द्वीप, डीआर कोंगो, मोजाम्बिक, सिएरा लियोन और सोमालिया शामिल हैं।
करीब 12 देश परिस्थितियों से सांमजस्य बिठाने के लिए एक हफ्ते पहले ही यहां आ गए थे। हालांकि इनमें से काफी मुक्केबाज राजधानी की प्रदूषित हवा से परेशान दिखीं, पर उन्होंने कहा कि प्रदूषण से बचने के लिये उन्होंने इंडोर ट्रेनिंग करना ठीक समझा।
एम सी मैरीकॉम (48 किग्रा), पिंकी जांगड़ा (51 किग्रा), मनीषा मोन (54 किग्रा), सोनिया (57 किग्रा), एल सरिता देवी (60 किग्रा), सिमरनजीत कौर (64 किग्रा), लवलीना बोरगोहेन (69 किग्रा), स्वीटी बूरा (75 किग्रा), भाग्यवती काचरी (81 किग्रा) और सीमा पूनिया (81 किग्रा से अधिक)।
कोच: रफाएल बर्गामास्को (विदेशी कोच), शिव सिंह (मुख्य कोच), संध्या गुरूंग, मोहम्मद अली कमर, छोटे लाल यादव, सतवीर सिंह।
सहयोगी स्टाफ: डॉ. अमोल अरूण पाटिल (टीम डॉक्टर), आयुष चितरंजन येखांडे (फिजियो), सिमोन सिंह (वीडियो विश्लेषक), वीना जोएल (मालिशिया)