पहले तो मनु एक कुर्सी पर बैठी थी, लेकिन जैसे ही कार्यक्रम में वीआईपी लोगों की एंट्री हुई तो उन्हें कुर्सी से उठाकर जमीन पर बैठा दिया गया। मनु का इस तरह अपमान किए जाने के बाद अभिनंदन समारोह के प्रबंधकों की चौतरफा आलोचना हो रही है। हालांकि इस बारे में जब मनु भाकर से बातचीत हुई तो उन्होंने किसी के खिलाफ कुछ नहीं कहा।
मनु ने कहा, 'इस कार्यक्रम में राज्य के कई सीनियर लोग उपस्थित थे। ऐसे में मैं उनके सामने कुर्सी पर बैठी रहती और वे खड़े रहते, यह मुझे अच्छा नहीं लगा। इसलिए मैंने अपनी मर्जी से कुर्सी छोड़कर जमीन पर बैठना सही समझा। कुर्सी से उठकर जमीन पर बैठने के लिए मुझे किसी ने कहा नहीं था'