भारत के युवा निशानेबाज अनीश भानवाला, मनु भाकर और इलावेनिल वालारिवान के कंधों पर एशियाई खेलों में भारत को पदक दिलाने की जिम्मेदारी होगी। निशानेबाजी स्पर्धा रविवार से यहां शुरू हो रही है। भारतीय शूटरों को चीन और दक्षिण कोरिया से कड़ी चुनौती मिलेगी। भारत चार साल पहले इंचियोन एशियाई खेलों में एक स्वर्ण, 1 रजत और 7 कांस्य पदक के साथ निशानेबाजी स्पर्धा में आठवें स्थान पर रहा था। चीन ने 27 गोल्ड सहित 50 पदकों से पहला स्थान हासिल किया था।
अनीश और मनु की उम्र क्रमश: 15 और 16 साल है। अनीश और मनु, दोनों ने राष्ट्रमंडल खेलों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड जीतकर सुर्खियों में रहे थे, लेकिन राष्ट्रमंडल में चुनौती एशियाई खेलों की तुलना में इतनी कड़ी नहीं थी और देखना होगा कि वे दबाव में कैसा प्रदर्शन करते हैं।
भारत ने गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में 7 स्वर्ण पदक जीते थे और देश ने एशियाई खेलों के इतिहास में इतने ही स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। केवल चार निशानेबाज जसपाल राणा, रंजन सोढी, रणधीर सिंह और जीतू राय ही यहां सोने का तमगा जीत सके हैं। जसपाल राणा अब कोच के तौर पर यहां टीम के साथ हैं, वह पहले ही युवाओं पर उम्मीदों के भार केबारे में बात कर चुके हैं। हालांकि वह उनके पदक जीतने की संभावनाओं से इनकार नहीं करते।