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एशियन गेम्स: निशानेबाजी में 'यंग ब्रिगेड' पर पदक दिलाने की जिम्मेदारी, मनु भाकर का भी कड़ा इम्तिहान

Sun, 19 Aug 2018 02:25 AM IST
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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asian games 2018
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भारत के युवा निशानेबाज अनीश भानवाला, मनु भाकर और इलावेनिल वालारिवान के कंधों पर एशियाई खेलों में भारत को पदक दिलाने की जिम्मेदारी होगी। निशानेबाजी स्पर्धा रविवार से यहां शुरू हो रही है। भारतीय शूटरों को चीन और दक्षिण कोरिया से कड़ी चुनौती मिलेगी। भारत चार साल पहले इंचियोन एशियाई खेलों में एक स्वर्ण, 1 रजत और 7 कांस्य पदक के साथ निशानेबाजी स्पर्धा में आठवें स्थान पर रहा था। चीन ने 27 गोल्ड सहित 50 पदकों से पहला स्थान हासिल किया था।

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अनीश और मनु की उम्र क्रमश: 15 और 16 साल है। अनीश और मनु, दोनों ने राष्ट्रमंडल खेलों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में गोल्ड जीतकर सुर्खियों में रहे थे, लेकिन राष्ट्रमंडल में चुनौती एशियाई खेलों की तुलना में इतनी कड़ी नहीं थी और देखना होगा कि वे दबाव में कैसा प्रदर्शन करते हैं।

भारत ने गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों में 7 स्वर्ण पदक जीते थे और देश ने एशियाई खेलों के इतिहास में इतने ही स्वर्ण पदक हासिल किए हैं। केवल चार निशानेबाज जसपाल राणा, रंजन सोढी, रणधीर सिंह और जीतू राय ही यहां सोने का तमगा जीत सके हैं। जसपाल राणा अब कोच के तौर पर यहां टीम के साथ हैं, वह पहले ही युवाओं पर उम्मीदों के भार केबारे में बात कर चुके हैं। हालांकि वह उनके पदक जीतने की संभावनाओं से इनकार नहीं करते।

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मनु फिर सफलता की कसौटी पर

मनु भाकर - फोटो : self
मनु शुरुआती दिन अभिषेक वर्मा के साथ पिस्टल मिक्स्ड टीम स्पर्धा में उतरेंगी। वह पहले ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता का स्वाद चख चुकी हैं, उन्होंने मार्च में गुआदालाजारा विश्व कप में 2 गोल्ड जीते और इसके बाद वह गोल्ड कोस्ट में पोडियम पर रहीं। गोल्ड कोस्ट में सफलताएं दोहराईं। टीम में काफी युवा निशानेबाज हैं लेकिन सीनियर जैसे हीना सिद्धू (पिस्टल), मानवजीत सिंह संधू (ट्रैप) और श्रेयसी सिंह (ट्रैप) भी अच्छा प्रदर्शन करने को बेताब होंगे।

अनीश के लिए एशियाड बड़ा इम्तिहान 
अनीश भानवाला ने जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में 2 गोल्ड मेडल हासिल किए और उन्हें सीनियर स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करनी है, जिससे एशियाई खेल उनकेलिए बड़ी परीक्षा होंगे। वहीं 19 वर्षीय इलावेनिल भी शानदार निशानेबाज हैं जिन्होंने साल के शुरू में विश्व रिकॉर्ड केसाथ सिडनी जूनियर विश्व कप की 10 मीटर राइफल स्पर्धा का गोल्ड जीतकर सुर्खियां बटोरीं थीं।

राजपूत के निशाने पर व्यक्तिगत मेडल 
टीम स्पर्धा की अनुपस्थिति से भारतीय टीम को बड़ा झटका लगा हैं। राजपूत ने खुद 2006 से 2014 तक तीन टीम पदक जीते हैं और अब वह व्यक्तिगत पदक अपने नाम करने को प्रतिबद्ध हैं। 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन में अखिल श्योराण अन्य भारतीय निशानेबाज हैं। अपूर्वी चंदेला और रवि कुमार रविवार को जकाबारिंग शूटिंग रेंज की मिश्रित टीम स्पर्धा में भारत का राइफल अभियान शुरू करेंगे।
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