पहले दौर में बाई हासिल करने वाली मैरी जिस तरह खेलीं उससे लगा ही नहीं कि वह बहुत ज्यादा प्रयास करने की कोशिश कर रही हैं। यही कारण था कि कोच छोटे लाल यादव बोले कि यह मैरी की फिटनेस का कमाल है। उसने इस बाउट में अपनी ऊर्जा ज्यादा खर्च नहीं की है, लेकिन अगले दौर में चीन की यू वू के खिलाफ उनका खेल देखने वाला होगा। मैरी ने जीत के बाद कहा उन पर दबाव इस बात का है कि लोगों ने उनसे बहुत ज्यादा अपेक्षा कर रखी है, लेकिन अब शुरुआत हो चुकी है। वह अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करेंगी।
पिता से मार खाकर भी मनीषा बनीं बॉक्सर
पहले दौर में अमेरिका की क्रिस्टीना क्रूज और अब वर्ल्ड चैंपियन दीना को रिंग में धोकर कैथल की मनीषा ने अपने पिता का सीना चौड़ा कर दिया। वह पिता जिनकी पिटाई से बचने के लिए मनीषा छुप-छुपकर बॉक्सिंग करती रहीं। जब वह हरियाणा की चैंपियन बनीं तब उनके पिता को उनके बॉक्सर बनने के बारे में पता लगा।
मनीषा ने कहा कि बेटी होने के चलते उनके खेलने पर पाबंदी थी, लेकिन मां के साथ के चलते वह खेला करती थीं। पिता से कई बार खेलने के लिए मार खाई, लेकिन स्कूल में वॉलीबाल खेलना शुरू कर दिया। यहां कोच राजेंदर सिंह और गुरमीत सिंह ने कहा कि बॉक्सिंग करोगी तो यह खेल शुरू कर दिया। मनीषा ने हाल ही में पोलैंड में दीना को हराया था। यह उनकी इस बॉक्सर पर लगातार दूसरी जीत है।
लोवलीना व भाग्यवती अंतिम-16 में
असम की लोवलीना (64 किग्रा) और इसी राज्य की भाग्यवती (81 किग्रा) अपने-अपने मुकाबले जीतकर अंतिम 16 में पहुंचीं। लोवलीना ने पनामा की बॉयलन एथीना को 5-0 से, जबकि असम के कोकराझार इलाके की भाग्यवती ने ईरीना निकोलेटा शानबर्गर को 4-1 से पराजित किया।
सरिता देवी (60 किग्रा) का दूसरी बार विश्व चैंपियन बनने का सपना रविवार को टूट गया। मणिुपर की इस मुक्केबाज को प्री क्वार्टर फाइनल में आयरलैंड की केली हैरिंग्टन के हाथों करीबी मुकाबले में 2-3 से शिकस्त का सामना करना पड़ा। सरिता ने हार के बाद फैसले पर निराशा जताते हुए कहा कि वह इससे खुश नहीं हैं। उनकी नजर में वह जीती हुई हैं लेकिन वह अपील नहीं करेंगी। एक बार उन पर प्रतिबंध लग चुका है और अब वह दोबारा जोखिम नहीं लेना चाहतीं।