दिग्गज पहलवान सुशील कुमार उम्र के ऐसे पड़ाव पर हैं जहां ज्यादातर खिलाड़ी संन्यास की घोषणा कर देते हैं। वहीं, ओलंपिक में दो पदक जीतने वाले इस पहलवान ने कहा कि वह ‘कौन क्या कह रहा’ पर ध्यान देने की जगह टोक्यो में 2021 में होने वाले ओलंपिक की तैयारी कर रहे हैं।
सुशील ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘लोगों को मेरे खेल के खत्म होने के बारे में लिखने की आदत है, लेकिन इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।’ सुशील हालांकि ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई करने के मामले में संघर्ष कर रहे थे, लेकिन इस खेल के एक साल तक टलने के बाद एक बार फिर से पदक जीतने की उनकी उम्मीद परवान चढ़ रही है।
सुशील अगले महीने 37 साल के हो जाएंगे और अगर वह इस साल जुलाई में प्रस्तावित ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई करते तो यह उनके और टेनिस के दिग्गज लिएंडर पेस जैसे खिलाड़ियों का आखिरी टूर्नामेंट होता, लेकिन इसके एक साल टलने से इन खिलाड़ियों की संन्यास योजना पर संशय बन गया है।
सुशील ने हालांकि संन्यास की किसी योजना को खारिज कहा कि वह खेल जारी रखने के लिए रोज अभ्यास कर रहे हैं। उन्होने कहा, ‘मैं अभी कही नहीं जा रहा हूं। मुझे अधिक समय मिला है और अधिक समय का मतलब होता है बेहतर तैयारी।’ उन्होंने 2019 वर्ल्ड चैंपियनशिप में वापसी करते हुए कुछ दमखम दिखाया लेकिन वह शुरुआती दौर से ही बाहर हो गए थे।
उन्होंने कहा, ‘कुश्ती एक ऐसा खेल है कि अगर आप चोट-मुक्त रहते हैं, अच्छी तरह से अभ्यास करते हैं और लक्ष्य निर्धारित कर उस पर काम करते हैं तो आप उसे हासिल कर सकते हैं। मैं अभी रोजाना दो बार अभ्यास करता हूं। जाहिर है मैं मैट पर नहीं उतर रहा हूं, लेकिन खुद को फिट रखने की कोशिश कर रहा है। भगवान ने चाहा तो ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई जरूर करूंगा।’