ग्रैंडमास्टर कोनेरू हंपी का महिलाओं की विश्व शतरंज चैंपियनशिप में अभियान समाप्त हो गया है। उन्होंने दूसरे राउंड के दूसरे गेम में पोलैंड की जोलांटा ज्वादस्का से शिकस्त झेलनी पड़ी। चैंपियनशिप में भारत की तरफ से अब सिर्फ एक ही ग्रैंडमास्टर डी हरिका बची हैं।
64 खिलाड़ियों के साथ शुरू हुई चैंपियनशिप में हरिका एकमात्र भारतीय बची हैं, उनसे खिताब की बहुत उम्मीद की जाएगी। हरिका ने जॉर्जिया की बेला खोतेनाशविली के खिलाफ दूसरा ड्रॉ खेला और कम समय में अब टाई-ब्रेक गेम्स खेलेंगी।
हंपी ने काले मोहरों के साथ दूसरे राउंड का पहला गेम आसानी से ड्रॉ करा लिया था। हालांकि दूसरे राउंड में सफेद मोहरों के साथ उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और उन्होंने काफी निराश किया।
दो साल के अंतराल के बाद ओलंपियाड से पहले शतरंज में लौटीं हंपी लंबे समय तक महिला खिलाड़ियों में से एक रही हैं। अब उन्हें अगली विश्व चैंपियनशिप के लिए दो साल का इंतजार करना पड़ेगा। भारतीय ग्रैंडमास्टर ने पोलैंड की खिलाड़ी के सामने तकनीकी गलतियां की, जिसका नुकसान उन्हें भुगतना पड़ा। ज्वादस्का ने 78 चाल के बाद अपना मुकाबला जीता।