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भारतीय ओलंपिक संघ और मंत्रालय विवाद पर बोले खेल मंत्री किरेन रिजिजू ने क्या कहा?

Sat, 18 Apr 2020 11:30 PM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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किरेन रिजिजू - फोटो : Twitter
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राष्ट्रीय खेल महासंघों के कामकाज में मंत्रालय के दखल की आईओए की शिकायत के बाद तनाव कम करने की कवायद में खेलमंत्री किरेन रिजिजू ने शनिवार को कहा कि संस्थागत तालमेल के रास्ते में व्यक्तियों का अवांछित आचरण बाधा नहीं बनना चाहिए।

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रिजिजू ने कहा कि भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने मीडिया रिपोर्ट उनकी जानकारी में लाई है, जिसमें कुछ राष्ट्रीय खेल महासंघों ने चिंता जताई है कि मं

I've been made aware of concerns of Indian Olympic Association President&news in some section of media regarding autonomous functioning of National Sporting Federations vis-a-vis perceived control of Sports Ministry&SAI on their functioning: Union Sports Minister Kiren Rijijuत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण उनके कामकाज पर नियंत्रण की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘सभी संबंधित पक्षों के बीच हर स्तर पर नियमित मशविरा और चर्चा जरूरी है लेकिन किसी भी परिस्थिति में व्यक्तियों के अवांछित आचरण से आपसी तालमेल और यह भावना बाधित नहीं होना चाहिए।’

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खेल सचिव राधेश्याम जुलानिया ने एनएसएफ के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा था कि दखल के आरोप लगाने से पहले उन्हें सरकार द्वारा दी जा रही सुविधायें छोड़ देनी चाहिए। रिजिजू ने कहा, 'किसी खास हालात में किसी व्यक्ति द्वारा दिया गया बयान नीतिगत मसला नहीं मानना चाहिए। हम भारत को खेल महाशक्ति बनाने के लिए मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध हैं।'

इस मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब बत्रा ने साइ की टॉप्स (टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम) के सीईओ राजेश राजागोपालन पर महासंघों के कामकाज में दखल देने का आरोप लगाया। रिजिजू ने हालांकि कहा कि सरकार का राष्ट्रीय खेल महासंघों के कामकाज में दखल देने का कोई इरादा नहीं है। 

उन्होंने कहा, 'राष्ट्रीय खेल महासंघों की कामकाज की स्वायत्ता हर हालत में बरकरार रखनी होगी। महासंघों में राष्ट्रीय खेल संहिता का पालन और अच्छा प्रशासन उसके कामकाज में पारदर्शिता और निष्पक्षता की आधारशिला हैं। सरकार का काम महासंघों को खेल के प्रचार और प्रसार के लिए जरूरी सहयोग देना और यह सुनिश्चित करना है कि खिलाड़ियों के हितों पर आंच नहीं आए।'

रिजिजू ने कहा कि आईओए, मंत्रालय और राष्ट्रीय खेल महासंघों का साझा लक्ष्य देश में खेलों के ढांचे को बेहतर बनाकर भारत को खेल महाशक्ति बनाना है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित पक्षों को मिलकर इस दिशा में काम करना चाहिए और इसके लिए सबके बीच बेहतर तालमेल होना चाहिए। 

उन्होंने कहा, ‘खेल मंत्रालय, आईओए और एनएसएफ देश में खेलों के समग्र ढांचे को बेहतर बनाने के लिए काम कर रहे हैं। इसमें फोकस प्रतिभाओं को जमीनी स्तर पर तलाशने और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण देने पर फोकस रहना चाहिए।’

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