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चंद माह पहले देश को दिलाया था गोल्ड मेडल, अब लॉकडाउन में बुरे हुए हालात तो KKFI ने दिए एक लाख

Sat, 25 Apr 2020 11:56 AM IST
अंशुल तलमले स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला
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नसरीन शेख - फोटो : ट्विटर
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नसरीन शेख भारतीय महिला खो-खो टीम की कप्तान हैं। नसरीन की अगुवाई में ही भारत ने नेपाल को हराकर साउथ एशियन गेम्स का गोल्ड जीता था। वह एयरपोर्ट अथॉरिटी के लिए खेलतीं हैं, हर तीन माह में मिलने वाले लगभग 70 हजार रुपये से ही उनका घर चलता है। पिता घूम-घूमकर बर्तन बेचने का काम करते हैं, लेकिन बीते एक माह से जारी लॉकडाउन की वजह से वह भी घर बैठने को मजबूर हैं। घर की स्थिति इतनी खराब है कि 40 नेशनल, 3 इंटरनेशनल खेल चुकी नसरीन अपनी तय डाइट भी नहीं ले पा रही। हालांकि जब मीडिया में नसरीन की परेशानियों की खबरों ने जोर पकड़ा तो भारतीय खो-खो महासंघ (KKFI) उनकी मदद के लिए आगे आया है।

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भारतीय खो-खो महासंघ (KKFI) ने 23 वर्षीय भारतीय कप्तान नसरीन शेख को एक लाख रुपये की मदद की है। दरअसल, केकेएफआई अधिकारियों को जब नसरीन के बारे में पता चला तो उन्होंने इस खिलाड़ी के बैंक खाते में एक लाख रुपये हस्तांतरित किए। केकेएफआई के महासचिव एमएस त्यागी ने कहा, 'हम हमेशा खिलाड़ियों और योग्य प्रतिभाओं का समर्थन करते हैं। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक राष्ट्रीय खिलाड़ी को ऐसी अभूतपूर्व स्थिति में कठिन समय का सामना करना पड़ा।'

केजरीवाल से मांगी थी मदद

दिल्ली के शकरपुर की रहने वाली नसरीन के घर में पांच बहनें और चार भाई हैं। दो बहनों की शादी हो चुकी है। नसरीन के घर उनके और पिता के अलावा दूसरा कोई कमाने वाला नहीं क्योंकि सभी भाई-बहन अभी पढ़ रहे हैं। रूढ़िवादी प्रथाओं को तोड़कर नसरीन ने हर चुनौतियों को साधा। रिश्तेदार खेल के दौरान पहने जाने वाले छोटे कपड़ों को लेकर ताने कसते थे, लेकिन उनके पिता ने इसमें उनका पूरा साथ दिया। इन मुश्किल हालातों में भारतीय खो खो कप्तान ने अपने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से भी मदद की गुहार लगाई थी। ट्वीट करते हुए उन्होंने अपनी परेशानी बताई, लेकिन कोई मदद नहीं मिली थी।

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