साल 1970 के एशियन गेम्स में कमलजीत संधू के रूप में भारत को एशियाड की पहली गोल्डन गर्ल मिली थी। संधू ने महिलाओं की 400 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा था। वह किसी भी व्यक्तिगत केल स्पर्धा में स्वर्णिम सफलता हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनी थीं।
इसके अलावा मोहिंदर सिंह ने ट्रिपल जम्प में गेम्स रिकॉर्ड के साथ सोना जीता तो जोगिंदर सिंह ने शॉर्टपुट में और प्रवीण कुमार ने डिस्कर थ्रो में अपना खिताब बरकरार रखा था। मुक्केबाजी में हवा सिंह ने अपना दूसरा स्वर्ण पदक जीता तो कुश्ती में चंदगी राम ने तिरंगे की शान बढ़ाई थी।
हॉकी में फिर पाक से हारे
हॉकी में एक बार फिर पाकिस्तान से हाकर रजत में संतोष करना पड़ा। फाइनल तक अजेय रहते हुए 16 गोल दागकर कोई भी गोल नहीं खाने वाली भारतीय टीम को पाक से 0-1 से मात मिली। इस वर्ष एशियाड में कुल 18 देशों ने 13 खेलों में हिस्सा लिया था। भारत के खाते में कुल 25 पदक आए थे, जिसमें 6 गोल्ड, 9 सिल्वर और 10 ब्रॉन्ज मेडल शामिल थे।
कोरिया की धमकी के बाद सियोल ने छोड़ी मेजबानी
इन खेलों की मेजबानी द. कोरिया के सियोल को मिली थी, लेकिन उत्तर कोरिया से सुरक्षा की धमकी को देखते हुए उसने दावेदारी छोड़ दी थी। इसके बाद थाईलैंड ने आगे बढ़कर इन खेलों का आयोजन करना स्वीकार किया और द. कोरिया के धन का इस्तेमाल करते हुए ये आयोजन किया।