कबड्डी विश्वकप में मंगलवार को खेले गए पहले मैच में कीनिया ने यूएसए को मात देकर अपनी सेमीफाइनल में जगह बनाने की संभावनाओं को जिंदा रखा है। कीनिया के सेमीफाइनल में पहुंचने का फैसला विश्वकप और ग्रुप बी के आखिरी मुकाबले पर निर्भर करता है।
अमेरिका के खिलाफ कीनिया ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया है और उसे टैकल, रेड डिफेंस हर मामले में पीछे छोड़ा। मैच के पहले हाफ में कीनिया ने 38-8 की बढ़त बना ली थी। कीनिया ने 18 रेड, 13 टैकल प्वाइंट हासिल किए वहीं अमेरिका को पहले हाफ में तीन बार ऑलआउट कर 6 प्वाइंट हासिल किए। कीनिया को पहले हाफ में 30 अंकों की बढ़त हासिल थी, लेकिन कीनिया को यह मालूम था कि इस मैच में वह जितने अंकों की बढ़त हासिल करेगी उसकी सेमीफाइनल में जगह बनाने की संभावनाएं उतनी ही प्रबल होंगी। दूसरे हाफ में भी कीनिया ने अमेरिका को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। दूसरे हाफ में कीनिया ने 36 अंक हासिल किए वहीं अमेरिकी टीम केवल 11 अंक हासिल कर सकी। पूरे मैच में 51 अंक की बढ़त के साथ कीनिया ने अमेरिका पर 74-19 से जीत हासिल की।
कीनिया की इस जीत के साथ सभी की नजरें बुधवार को खेले जाने वाले विश्वकप के आखिरी लीग मैच पर लग गई हैं। इस मैच को लेकर कई तरह के समीकरण बन रहे हैं।यदि कल के मैच में जापान थाइलैंड से हार जाता है या मैच टाई होता है या जापान 8 से कम अंक से थाइलैंड से जीत हासिल करता है तो थाइलैंड सेमीफाइनल में पहुंच जाएगा।दूसरी स्थिति यह है कि यदि जापान 8 से ज्यादा और 33 से कम अंक से थाइलैंड पर जीत हासिल करती है तो कीनिया सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी। तीसरी स्थिति यह है कि यदि जापान को सेमीफाइनल में जगह बनानी है तो जापान को किसी भी सूरत नें थाइलैंड से 33 से ज्यादा अंक के अंतर से जीत हासिल करनी होगी।
इसके अलावा यदि थाइलैंड जापान से बड़े अंतर से जीत हासिल करती है तो उसके 5 मैचों में 20 अंक हो जाएंगे। यदि वह पांच मैचों का प्वाइंट अंतर 71 अंक से ज्यादा रखती है तो वह ग्रुप में पहले स्थान पर पहुंच जाएगी। ऐसे में उसकी सेमीफाइनल में भारत से भिडंत होगी। यदि वह दूसरे स्थान पर रहता है तो उसकी भिडंत दक्षिण कोरिया से होगी।