भारतीय तीरंदाज ज्योति सुरेखा वेन्नम ने शनिवार को चीन के नानजिंग में विश्व कप फाइनल में इतिहास रचते हुए कांस्य पदक जीता। यह उपलब्धि उन्हें भारत की पहली महिला कंपाउंड आर्चरी विश्व कप फाइनल पदक विजेता बनाती है। एशियाई खेलों की चैंपियन ज्योति ने ब्रिटेन की विश्व रैंकिंग नंबर दो खिलाड़ी एला गिब्सन के खिलाफ 15 परफेक्ट तीरों के साथ शानदार प्रदर्शन किया और 150-145 से जीत हासिल की।
क्वार्टरफाइनल और सेमीफाइनल का सफर
ज्योति ने आठ-आर्चर विश्व कप फाइनल में क्वार्टरफाइनल में अमेरिका की एलेक्सिस रूइज को 143-140 से हराकर आत्मविश्वास से शुरुआत की। सेमीफाइनल में उन्हें मेक्सिको की विश्व नंबर 1 एंड्रिया बेसेरा से 143-145 की करीबी हार का सामना करना पड़ा। मैच के बाद ज्योति ने कहा, 'तीसरे एंड के बाद मैं एक अंक से आगे थी (87-86), लेकिन एंड्रिया ने चौथे एंड में तीन 10s मारे और पांचवें एंड में 29-28 से मुझे पछाड़ दिया।' हालांकि, सेमीफाइनल में हार के बाद भी ज्योति ने संयम और मानसिक मजबूती दिखाई।
कांस्य पदक मैच में धमाकेदार वापसी
ज्योति ने कांस्य पदक मुकाबले में शानदार वापसी की और पांच एंड में लगातार 15 10s शूट कर एला गिब्सन को 150-145 से हराकर अपनी पहली विश्व कप फाइनल पोडियम फिनिश सुनिश्चित की। उन्होंने कहा, 'यह मेरे लिए बहुत खास पल है। विश्व कप फाइनल में कांस्य जीतना मेरे करियर का अब तक का सबसे यादगार अनुभव है।' ज्योति की यह विश्व कप फाइनल में तीसरी उपस्थिति थी। उन्होंने इससे पहले 2022 के Tlaxcala और 2023 के हर्मोसिल्लो संस्करणों में भाग लिया था, लेकिन दोनों बार शुरुआती दौर में बाहर हो गई थीं।
भारतीय टीम के अन्य प्रदर्शन
महिला कंपाउंड श्रेणी में भारत की मधुरा धमांगांवकर ने पहले दौर में 142-145 से मेक्सिको की मरियाना बर्नाल से हारकर बाहर हो गई। पुरुष कंपाउंड श्रेणी में ऋषभ यादव भारत के एकमात्र प्रतिभागी हैं और उनका मुकाबला दक्षिण कोरिया के किम जोंघो से आज होगा। रिकर्व श्रेणी में कोई भी भारतीय खिलाड़ी क्वालीफाई नहीं कर पाया।