दुनिया की पांचवें नंबर की जूनियर टेबल टेनिस खिलाड़ी स्वस्तिका घोष को कोरोना लॉकडाउन के कारण आर्थिक परेशानियों से जूझना पड़ रहा है, उनका परिवार मुंबई में कमरे का किराया भी नहीं दे पा रहा जिसकी वजह से वापिस बंगाल लौटने की सोच रहे हैं। स्वस्तिका के पिता और कोच सह अभ्यास जोड़ीदार संदीप चार महीने से बेरोजगार हैं और नवी मुंबई में कमरे का किराया नहीं दे पा रहे। वह नेरूल में डीएचवी पब्लिक स्कूल में टेबल टेनिस कोच थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण काम और वेतन नहीं मिल रहा, उन्हें अपने प्रोविडेंट फंड की सारी बचत खर्च करनी पड़ी। उन्होंने कहा, 'स्वस्तिका को रोज करीब 1200 रूपये के फूड सप्लीमेंट देने होते हैं क्योंकि वह छह घंटा अभ्यास करती है। अब सब बंद हो गया है। लॉकडाउन जारी रहा तो हमें बंगाल लौटना पड़ेगा।’