जेवेलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा को कोरोना के दौर में एनआईएस पटियाला में ट्रेनिंग करने की इजाजत तो मिल गई है, लेकिन उन्हें अपने जर्मन कोच बायोमेकेनिक्स विशेषज्ञ क्लॉस बार्टोनेइट्ज का साथ नहीं मिल पा रहा है। साई की ओर से जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार 65 वर्ष या फिर उससे ऊपर की आयु के प्रशिक्षकों को या फिर सपोर्ट स्टाफ को ट्रेनिंग कराने की इजाजत नहीं है। ऐसे में खाली बैठे क्लॉस ने छुट्टी पर घर जाने में भलाई समझी, उन्होंने एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया से छुट्टी ली और घर चले गए।
लगातार नीरज के साथ हैं क्लॉस
एक अन्य जर्मन कोच दिग्गज जेवेलिन थ्रोअर यू हॉन से अलग होने के बाद नीरज लगातार क्लॉस के साथ ट्रेनिंग कर रहे हैं। वह दक्षिण अफ्रीका में भी उन्हीं के साथ थे। क्लॉस और नीरज दक्षिण अफ्रीका से लौटने के बाद एनआईएस पटियाला में एकांतवास में डाल दिए गए थे। जब साई ने एनआईएस में कैंप में एथलीटों को ट्रेनिंग की इजाजत दी तो माना गया नीरज को क्लॉस ही ट्रेनिंग कराएंगे, लेकिन उनकी उम्र को देखते हुए उन्हें इसकी इजाजत नहीं दी गई। वह कुछ दिन पूर्व ही जर्मनी छुट्टी पर गए हैं।
हिमा की कोच को भी ट्रेनिंग की इजाजत नहीं
सिर्फ नीरज चोपड़ा के कोच को ही नहीं बल्कि हिमा दास की कोच गेलिना बुुखारिना को भी ट्रेनिंग देने से रोका गया है, उनकी उम्र भी 65 साल से ऊपर है। ऐसे में वह हिमा को ट्रेनिंग कार्यक्रम बनाकर तो दे रही हैं, लेकिन उनके साथ ट्रैक पर नहीं जाती हैं। हालांकि अमेरिका वासी गेलिना ने छुट्टी नहीं मांगी है। वह एनआईएस पटियाला में ही रह रही हैं। कुछ विदेशी सपोर्ट स्टाफ भी बीते दिनों छुट्टी लेकर अपने घर गए हैं।