दहिया को पिछले साल 16 जुलाई को अस्थाई तौर पर निलंबित किया गया और नाडा ने उनके मामले को नौ जनवरी को एडीडीपी (अनुशासनात्मक पैनल) के पास भेजा। एडीडीपी ने अब उन्हें अस्थाई निलंबन की तारीख से चार साल तक निलंबित करने का फैसला सुनाया है।
नाडा ने कहा, 'राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी ने एतिहासिक फैसला करते हुए भाला फेंक के खिलाड़ी अमित दहिया को सोनीपत के साइ केंद्र में दूसरी राष्ट्रीय भाला फेंक ओपन चैंपियनशिप 2019 के दौरान जानबूझकर नमूना देने से बचने और डोपिंग रोधी अधिकारियों के साथ धोखाधड़ी के प्रयास के लिए सजा सुनाई है।'
एजेंसी ने कहा, 'निलंबन आदेश पारित किया गया है जिसमें अमित दाहिया को अस्थाई निलंबन की तारीख से चार साल के लिए अयोग्य घोषित किया गया।'