पिछले साल आयोजकों ने कहा था कि खेलों पर कुल 15.4 अरब डॉलर (लगभग एक लाख 12 हजार करोड़ रुपये) खर्च हो जाएंगे, जिसमें 2020 में खेलों को स्थगित करने की 2.8 अरब डॉलर की कीमत शामिल है। अब कहा जा रहा है कि स्थगित करने का खर्च बढ़ कर तीन अरब डॉलर (लगभग 21 हजार करोड़ रुपये) हो चुका है।
दिसंबर में कहा गया था कि टिकटों की बिक्री से 80 करोड़ डॉलर (5844 करोड़ रुपये) की कमाई होगी। लेकिन अब स्थिति बिल्कुल बदल चुकी है। विदेशी दर्शक तो आने ही नहीं हैं और स्थानीय दर्शकों को अनुमति मिली तो भी उनके सीमित ही रहने का अनुमान है।
प्रायोजक की राशि बढ़ी
60 से भी ज्यादा जापानी कंपनियों ने खेलों के प्रायोजन के लिए रिकॉर्ड तीन अरब डॉलर दिए थे। खेल स्थगित हो जाने के बाद अनुबंध को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने अतिरिक्त 20 करोड़ डॉलर दिए।
बीमा खर्च का मुद्दा
ऐसा नहीं लग रहा कि खेल रद्द होंगे लेकिन अगर ऐसा होता है तो अंतरराष्ट्रीय बीमा कंपनियों को भारी भुगतान करना पड़ेगा।
अर्थव्यवस्था पर असर
विदेशी पर्यटकों के नहीं आने की वजह से पर्यटन उद्योग में जिस उछाल की उम्मीद थी, वो मिट्टी में मिल चुकी है।
नोमुरा शोध संस्थान के मुताबिक अगर खेल अभी भी रद्द हो जाते हैं तो करीब 16 अरब डॉलर का नुकसान होगा लेकिन नोमुरा के मुताबिक यह घाटा उस नुकसान के सामने कुछ भी नहीं है जो देश को तब उठाना पड़ेगा जब अगर खेल सुपर-स्प्रेडर बन गए और फिर से आपात कदम उठाने पड़ें।