बाक ने कहा कि आप इस बात को लेकर आश्वस्त हो सकते हैं कि आप अपने ओलंपिक सपने को पूरा करेंगे। जरा सोचिए हम सभी के लिए यह कितनी बड़ी बात होगी। जब हम कोरोना वायरस जैसी महामारी से निपट लेंगे तब यह ओलंपिक खेल अंतत: इंसानियत की जीत के जश्न के तौर पर खेले जाएंगे।
जापान में ओलंपिक स्थगित होने से भले ही कई निराश होंगे लेकिन एक छोटा सा समूह ऐसा भी है जो खेलों को रद्द करने की मांग कर रहा है। जापान में ओलंपिक खेल विरोधी इस समूह ने ट्वीट किया, ‘हम स्थगन नहीं चाहते। हम चाहते हैं कि ये खेल रद्द हों।’
मंगलवार को खेल स्थगित करने की घोषणा के कुछ मिनट बाद ही चंद प्रदर्शनकर्ता शहर के बीच जमा हो गए। इनमें से एक तोशियो मियाजाकी ने कहा, ‘हम विभिन्न कारणों से हर महीने रैली कर रहे हैं। हमें खेलों के व्यवसायीकरण से चिढ़ है। हम टोक्यो ओलंपिक के खिलाफ हैं।’
टोक्यो स्थानीय प्रशासन के लिए काम करने वाले मियाजाकी ने कहा, ‘कोरोना वायरस के कारण खेल स्थगित हो गए हैं, लेकिन जापान के लोगों को दोबारा सोचना चाहिए कि क्या ओलंपिक कराना वाकई जरूरी है।’ प्रदर्शन में शामिल कुमिको सुडो को इस बात से नाराजगी है कि खेलों के लिए बुनियादी ढांचा खड़ा करने की कवायद में बेघरों से अस्थायी शिविर भी छीन लिए गए। जापान में इन खेलों को ‘रिकवरी ओलंपिक’ कहा जा रहा है जिसके जरिये यह दिखाना चाहते हैं कि भूकंप, सुनामी और परमाणु रिसाव की त्रासदी झेलने के बाद भी देश ओलंपिक का आयोजन कर पाने में सक्षम है। कुछ लोगों का हालांकि यह मानना है कि यह पैसा तबाही झेल चुके लोगों के काम आना चाहिए था।