भारतीय फेडरेशन ने इंटरनेशनल फेडरेशन से कहा है कि जुर्माने की राशि लिफ्टर से ली जानी चाहिए। वह जुर्माना देने की स्थिति में नहीं हैं। अब अगर भारतीय टीम को विश्व चैंपियनशिप में खेलना है तो 16 सितंबर तक आईडब्लूएफ को जुर्माने की राशि भरनी होगी।
इससे पहले 2010 के दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले डोपिंग में कई लिफ्टरों के फंसने के चलते आईडब्लूएलएफ ने तीन करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना भरकर इन खेलों में खेलने का हक हासिल किया था। भारतीय फेडरेशन ने परेशानी से निकलने के लिए पूनम दलाल के राज्य हरियाणा वेटलिफ्टिंग संघ से जुर्माने की राशि मांगी है। फेडरेशन ने हरियाणा को साफ कर दिया है कि अगर उन्हें जुर्माने की राशि नहीं दी गई तो उनके राज्य को राष्ट्रीय चैंपियनशिप में नहीं खेलने दिया जाएगा। हरियाणा पर पहले ही साल में दो से अधिक लिफ्टर डोप में फंसने पर एक साल का प्रतिबंध फेडरेशन ने लगा रखा है।
विश्व चैंपियनशिप के लिए टीम एनआईएस पटियाला में तैयारी कर रही है। उसे पांच सितंबर को तैयारियों के लिए थाईलैंड के लिए रवाना होना है। वाडा ने एनडीटीएल से बीते वर्ष सितंबर में दो सौ सैंपल उठाए थे, जिसमें पांच एथलीट और एक वेटलिफ्टर पॉजिटिव निकला था। बीते माह ही वाडा ने एनडीटीएल को इसके बाद अनियमितताओं के चलते छह माह के लिए प्रतिबंधित कर रखा है।