फेडरेशन कप और इंटर स्टेट एथलेटिक मीट में स्वर्ण पदक जीतने वाले भारतीय टीम में शामिल डिस्कस थ्रोअर धर्मराज यादव डोप में फंस गए हैं। उन्हें वाडा के दिशानिर्देश पर एनडीटीएल की ओर से की गई दोबारा टेस्टिंग में पॉजिटिव पाया गया है। यही नहीं दो अन्य एथलीट भी नाडा की ओर से की गई सैंपलिंग में डोप पॉजिटिव पाए गए हैं।
बीते वर्ष गुवहाटी इंटरस्टेट में 58 मीटर से ज्यादा की दूरी तय कर स्वर्ण जीतने वाले धर्मराज का केस बेहद रोचक है। उनका सैंपल नाडा ने 19 सितंबर को बंगलूरू में किया था। उनसे काफी समय से उनके व्हेयर अबाउट मांगे जा रहे थे, लेकिन वह इन्हें नहीं दे रहे थे। इस दौरान नाडा को पता लगा कि एशियाई चैंपियनशिप में खेल चुके धर्मराज इंटर सर्विसेज मीट में खेलने जा रहे हैं।
इसी दौरान मीट से एक दिन पहले नाडा ने उनका होटल में आउट ऑफ कंपटीशन सैंपल लिया, लेकिन टेसि्ंटग में इस पर संशय था। इस दौरान वाडा ने एनडीटीएल से सैंपल उठाए। इसके बाद वाडा की ओर से एनडीटीएल को कुछ दिशानिर्देश जारी किए गए। इस पर एनडीटीएल ने अपनी मशीनों का दोबारा कैलिब्रेशन किया और संदेहास्पद सैंपलों की जीसीआईआरएमएस किया। इन्हीं सैंपलों में धर्मराज का भी सैंपल था, जिसमें वह स्टेरायड टेस्टोस्टोरान के बाहर से प्रयोग के आरोपी पाए गए हैं।
धर्मराज के अलावा ऑल इंडिया पुलिस मीट में से एक दिन पहले धीरज कुमार का आउट ऑफ कंपटीशन सैंपल लिया गया। वह ग्रोथ हारमोन के लिए पॉजिटिव पाए गए हैं। इसके अलावा केरल स्टेट एथलेटिक मीट में खेलने वाले देवनारायण को स्टेरायड के लिए डोप पॉजिटिव पाया गया है।