टोक्यो ओलंपिक के रजत पदक विजेता और भारत के स्टार पहलवान रवि दहिया ने कुश्ती रिंग में शानदार वापसी की है। 24 वर्षीय दहिया ने इस्तांबुल में आयोजित यासर डोगू रैंकिंग श्रृंखला में गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। उन्होंने 61 किग्रा फाइनल वर्ग में उज्बेकिस्तान के गुलोमजोन अब्दुल्लाव को 11-10 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
टोक्यो ओलंपिक के रजत पदक विजेता और भारत के स्टार पहलवान रवि दहिया ने कुश्ती रिंग में शानदार वापसी की है। 24 वर्षीय दहिया ने इस्तांबुल में आयोजित यासर डोगू रैंकिंग श्रृंखला में गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया है। उन्होंने 61 किग्रा फाइनल वर्ग में उज्बेकिस्तान के गुलोमजोन अब्दुल्लाव को 11-10 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।
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रवि के लिए हालांकि यह जीत आसान नहीं थी और उन्हें संघर्ष भी करना पड़ा। उन्होंने अब्दुल्लाव के खिलाफ 8-10 से पिछड़ने के बाद आखिरी पलों में बाजी पलटते हुए जीत हासिल की। रजत पदक विजेता ने इससे पहले टूर्नामेंट के सेमीफाइनल मुकाबले में ईरान के मोहम्मदबाघेर इस्माईल यखकेशी के खिलाफ जीत हासिल की थी।
अन्य पहलवानों में दीपक पुनिया ने 92 किग्रा के कांस्य पदक दौर में कजाकिस्तान के एलखान असदोव को 7-1 से हराया, जबकि अमन ने 57 किग्रा भारवर्ग और ज्ञानेंद्र ने 60 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीता।
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रवि दहिया पिछले साल टोक्यो में आयोजित ओलंपिक खेलों में रजत पदक जीतने वाले केवल दूसरे भारतीय पहलवान बने थे, तब उन्हें मौजूदा विश्व चैंपियन जावुर उगुएव के हाथों पुरुषों की फ्रीस्टाइल 57 किग्रा खिताबी मुकाबले में 4-7 से हार का सामना करना पड़ा था।
रवि उस समय प्रमुखता से उभरे जब उन्होंने नूर सुल्तान में 2019 विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के प्रयास के साथ टोक्यो खेलों के लिए क्वालीफाई किया।