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टोक्यो ओलंपिक से पहले खेल मंत्रालय के पास कम पड़ा पैसा, मांगे 400 करोड़

Tue, 29 Oct 2019 05:00 AM IST
Rajeev Rai हेमंत रस्तोगी, अमर उजाला
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किरण रिजिजू - फोटो : Twitter
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टोक्यो ओलंपिक सिर पर है और इन खेलों की तैयारियों को रफ्तार देने के लिए खेल मंत्रालय के पास पैसे की कमी पड़ गई है। खिलाड़ियों और टीमों को विदेशी टूर्नामेंटों में भेजने के लिए मंत्रालय को अतिरिक्त पैसे की जरूरत है। खेल मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय से वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए अतिरिक्त तकरीबन सवा चार सौ करोड़ रुपये की मांग की है। विदेशी टूर्नामेंटों में भारतीय टीमों की भागीदारी बढ़ाने के लिए 75 करोड़, 100 करोड़ खेलों इंडिया और 125 करोड़ रुपये साई के लिए मांगे हैं। इस राशि से मंत्रालय को कर्मियों का बकाया और उनके सेवानिवृत्ति के लाभ दिए जाने हैं।

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ओलंपिक की तैयारियों को बजट में कम था पैसा

tokyo olympic
आम बजट में खेल मंत्रालय के लिए 16 सौ करोड़ रुपये निर्धारित किए गए थे। इसमें से 245 करोड़ खेल संघों के लिए थे। इसी राशि से खिलाड़ियों और टीमों को विदेशी टूर्नामेंट खेलने होते हैं और उनकी तैयारियां कराई जाती हैं। अब मंत्रालय ने इसमें अतिरिक्त 145 करोड़ रुपये मांगे हैं। इसमें से 70 करोड़ रुपये गोवा में होने वाले 36वें राष्ट्रीय खेलों के लिए और बाकी 75 करोड़ विदेशी टूर्नामेंटों में खेलने के लिए मांगे गए हैं। हालांकि अब तक ऐसा कोई उदाहरण नहीं मिला है जब पैसे की कमी के चलते टीम या खिलाड़ी को टूर्नामेंट में खेलने से रोक दिया गया हो। लेकिन वित्त मंत्रालय ने अतिरिक्त राशि नहीं जारी की तो आने वाले समय में यह नौबत खड़ी हो सकती है। सूत्र के अनुसार मांगी गई कुल राशि वित्त मंत्रालय देने पर विचार कर रहा है। 
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खेलों इंडिया के लिए मांगे 100 करोड़

khelo india
खेलों इंडिया के लिए अतिरिक्त 100 करोड़ इस स्कीम के तहत चुने गए 15 हजार खिलाड़ियों की तैयारियों और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए मांगे गए हैं। 60 करोड़ रुपये साई कर्मियों के सातवें वेतन आयोग का बकाया देने के लिए और 50 करोड़ रुपये सेवानिवृत्त हुए कर्मियों का बकाया देने के लिए मांगे गए हैं।
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