भारत के राइफल और पिस्टल निशानेबाजों की नजरें कल से शुरू हो रहे साल के चौथे विश्व कप से 2020 ओलंपिक के लिए और अधिक कोटा हासिल करने पर होगी। यहां होने वाली आठ स्पर्धाओं में से तोक्यो ओलंपिक के लिए 16 कोटे हासिल किये जा सकते हैं।
भारतीय निशानेबाजों ने पहले ही सात ओलंपिक कोटे हासिल कर लिये है ऐसे इस टूर्नामेंट में नये और वापसी करने वाले खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी नजरें होगी। प्रतियोगिता के पहले दिन विश्व रैंकिंग में पहले और दूसरे स्थान पर काबिज क्रमश: अपूर्वी चंदेला और अंजुम मुदगिल 10 मीटर एयर राइफल में अपना दमखम दिखाएंगी।
दोनों ने हालांकि पहले ही इस स्पर्धा का ओलंपिक कोटा हासिल कर लिया है। इसके अलावा पहले दिन पुरुषों के 10 मीटर एयर पिस्टल का मुकाबला भी होगा। जहां पर भारतीय खिलाड़ी सिर्फ पदक के लिए दावेदारी पेश करेंगे क्योंकि इस स्पर्धा में दो अधिकतम कोटा हासिल किया जा चुका है। उदयीमान युवा निशानेबाज इलावेनिल वालारिवान के प्रदर्शन पर भी नजरें होगी जिन्होंने जूनियर खिलाड़ी के तौर पर सभी प्रतियोगिताओं में जीत दर्ज की है।