भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष नरेंदर बत्रा ने कुछ दिन पहले आशंका जताई थी कि भारतीय खिलाडिय़ों को बिना खाने के टोक्यो एयरपोर्ट पर लंबे समय तक रुके रहने पड़ सकता है।
उनकी यह आशंका सच साबित हुई ओलंपिक खेलने के लिए टोक्यो पहुंची पहली भारतीय सेलिंग टीम को 12 घंटे से अधिक समय तक एयरपोर्ट पर फंसे रहना पड़ा। सेलर पुर्तगाल और माल्टा से मंगलवार को सुबह टोक्यो पहुंचे और रात में उन्हें सेलिंग गेम्स विलेज में प्रवेश मिला। टीम सदस्यों की शिकायत के बाद आईओए ने आयोजन समिति से बात कर टीम को गेम्स विलेज भिजवाया।
भारतीय टीम के अलावा सारी टीमें एयरपोर्ट से निकल गईं
कोच अलेक्जेंडर डेनिसिच, इयन वॉरेन के अलावा सेलर सीके गणपथि, नेत्रा कुमानन, वरुण ठक्कर, विष्णु सरवणन फ्रेंकफर्ट (जर्मनी) से एक साथ टोक्यो के लिए रवाना हुए। सूत्र बताते हैं कि टीम जब टोक्यो एयरपोर्ट पर पहुंची तो उनके आने के बारे में वहां किसी को जानकारी नहीं थी।
टीम के एक कोच ने यह जानकारी आईओए को दी कि आयोजनकर्ताओं को उनके आने के बारे में पता नहीं है। न ही उनके रुकने का इंतजाम है और न ही ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था की गई है।
यह तब था जब छह सदस्यीय टीम का एक्टीविटी प्लान आयोजनकर्ताओं की ओर से मंजूर किया जा चुका था। बाद में टीम के एक सदस्य ने आईओए को यह भी बताया कि 12 घंटे से एयरपोर्ट रुकी हुई वह अकेली टीम हैं। वह ऐसी अकेली टीम हैं जिसके पास टीम इंडिया की आधिकारिक किट भी नहीं है। इसके बाद आईओए अध्यक्ष ने नरेंदर बत्रा ने मामले की सारी जानकारी लेने के आदेश दिए।
ली निंग की किट पहनकर पहुंची टीम
आईओए के हरकत में आने के बाद आयोजन समिति से बात की गई। इसके बाद सेलिंग टीम को गेम्स विलेज रवाना किया गया। आईओए के बात करने के बाद ही आयोजन समिति ने सेलिंग टीम को गेम्स विलेज में रुकने की हरी झंडी दी।
टीम देर रात गेम्स विलेज पहुंच सकी। खास बात यह है कि टीम चीनी कंपनी ली निंग की पुरानी किट पहनकर टोक्यो पहुंची। टीम को अभी आधिकारिक किट नहीं मिली है। किट को बाद में यहां से टोक्यो भेजा जाएगा।