भारत की युवा पावरलिफ्टर केया कुणाल बनर्जी ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया, लेकिन उनकी इस उपलब्धि के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें जिस तरह के उत्पीड़न का सामना करना पड़ा, उसने खेल जगत को भी चिंता में डाल दिया है। 21 वर्षीय केया ने दक्षिण अफ्रीका के सन सिटी में 18 से 29 अगस्त तक आयोजित 2026 आईपीएफ वर्ल्ड सब-जूनियर एंड जूनियर क्लासिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में हिस्सा लिया था। उन्होंने जूनियर महिला 47 किलोग्राम वर्ग के डेडलिफ्ट में 140 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता। उनका कुल स्कोर 280 किलोग्राम रहा, जिसमें स्क्वाट में 90 किलोग्राम और बेंच प्रेस में 50 किलोग्राम शामिल थे। कुल प्रदर्शन के आधार पर वह अपनी कैटेगरी में पांचवें स्थान पर रहीं।
उपलब्धि के बाद शुरू हुआ ऑनलाइन उत्पीड़न
केया के लिए यह उपलब्धि गर्व का पल थी, लेकिन भारत लौटने के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें लगातार निशाना बनाया जाने लगा। उन्होंने बताया कि उनके नाम से फर्जी अकाउंट बनाए गए और उनकी पहचान, जातीयता तथा पारिवारिक पृष्ठभूमि को लेकर भी आपत्तिजनक बातचीत की गई। सबसे परेशान करने वाली बात एआई की मदद से तैयार की गईं उनकी फर्जी और आपत्तिजनक तस्वीरें थीं। केया ने बताया कि उनके शरीर और चेहरे को मॉर्फ करके हजारों ऐसी तस्वीरें तैयार की गईं, जिनका वास्तविकता से कोई संबंध नहीं था।
उन्होंने अपनी परेशानी जाहिर करते हुए लिखा, 'ऑनलाइन यौन उत्पीड़न, मेरे नाम से बनाए गए फर्जी अकाउंट, मेरी जातीयता, वंश और जाति को लेकर परेशान करने वाली बातचीत और सबसे खराब—मेरे शरीर और चेहरे की तस्वीरों को बेहद परेशान करने वाले तरीके से मॉर्फ और एडिट करके बनाई गईं हजारों एआई तस्वीरें।'