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VIDEO: देश के लिए रिकॉर्ड बनाया, फिर ई-रिक्शा पर पोल ढोते दिखे स्टार्स; भारतीय खिलाड़ियों की हालत पर उठे सवाल

Mon, 25 May 2026 11:57 AM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, रांची

सार

फेडरेशन कप 2026 में देव कुमार मीणा और कुलदीप कुमार ने 5.45 मीटर की छलांग लगाकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड की बराबरी की और कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए क्वालिफाई किया। लेकिन कुछ घंटों बाद दोनों खिलाड़ी ई-रिक्शा में अपने पोल ढोते नजर आए। इस वीडियो ने भारतीय खिलाड़ियों को मिलने वाली सुविधाओं और खेल व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
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पोल्ट वॉल्ट के खिलाड़ियों का बुरा हाल - फोटो : IANS
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विस्तार
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भारतीय एथलेटिक्स के लिए रविवार का दिन ऐतिहासिक रहा। देव कुमार मीणा और कुलदीप कुमार ने रांची में आयोजित फेडरेशन कप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुष पोल वॉल्ट में संयुक्त राष्ट्रीय रिकॉर्ड बना दिया। दोनों खिलाड़ियों ने 5.45 मीटर की ऊंचाई पार कर भारतीय एथलेटिक्स इतिहास में अपना नाम दर्ज कराया, लेकिन इस ऐतिहासिक उपलब्धि के कुछ ही घंटों बाद सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो ने खेल जगत को झकझोर दिया। राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने वाले यही खिलाड़ी अपने पांच मीटर लंबे पोल ई-रिक्शा में लादकर खुद ले जाते दिखाई दिए।
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रिकॉर्ड बनाया, फिर खुद ढोना पड़ा सामान
वीडियो में दोनों एथलीट एक छोटे से ई-रिक्शा में तंग जगह पर बैठे नजर आए, जबकि उनके लंबे फाइबरग्लास पोल बाहर तक निकले हुए थे। सोशल मीडिया पर यह दृश्य तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने भारतीय खेल व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। पोल वॉल्ट ऐसा खेल है जिसमें इस्तेमाल होने वाले उपकरण बेहद महंगे, भारी और संवेदनशील होते हैं। इसके बावजूद देश के शीर्ष खिलाड़ियों को अपना सामान खुद ढोना पड़ा। कई लोगों ने इसे खिलाड़ियों के सम्मान और सुविधाओं की बड़ी कमी बताया।
 

देव मीणा और कुलदीप कुमार को ई-रिक्शा पर पोल्स रखते हुए देखा गया। - फोटो : Screengrab from X/@indraneel0
पहले भी झेल चुके हैं परेशानी
यह पहली बार नहीं है जब देव और कुलदीप को ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा हो। इसी साल दोनों खिलाड़ी ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप से लौटते समय ट्रेन में भी परेशानी झेल चुके हैं। पनवेल स्टेशन पर टिकट चेकर ने उन्हें पोल के साथ यात्रा करने की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों को ट्रेन से नीचे उतरना पड़ा और करीब पांच घंटे तक स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा। उस समय देव मीणा ने भावुक वीडियो जारी कर सवाल उठाया था कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी इस तरह परेशान किए जा सकते हैं तो जूनियर खिलाड़ियों की स्थिति कैसी होगी।

रांची में दिखा ऐतिहासिक मुकाबला
रांची में हुआ पुरुष पोल वॉल्ट फाइनल भारतीय एथलेटिक्स के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक माना जा रहा है। मुकाबले के दौरान राष्ट्रीय रिकॉर्ड एक ही शाम में दो बार टूटा। कुलदीप कुमार इससे पहले 5.41 मीटर के राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ मैदान में उतरे थे, जो उन्होंने इसी महीने भुवनेश्वर में बनाया था। लेकिन रांची में देव मीणा ने पहले 5.42 मीटर की छलांग लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद कुलदीप ने 5.45 मीटर पार कर जवाब दिया। माहौल तब और रोमांचक हो गया जब देव मीणा ने भी 5.45 मीटर की छलांग पूरी कर ली। कम असफल प्रयासों की वजह से देव को स्वर्ण पदक मिला, लेकिन दोनों संयुक्त राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक बन गए। दोनों खिलाड़ियों ने इसके बाद 5.50 मीटर की चुनौती भी लेने की कोशिश की।
 
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कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए किया क्वालिफाई
दोनों एथलीट आगामी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए तय 5.25 मीटर के क्वालिफिकेशन मार्क को पहले ही पार कर चुके हैं। ऐसे में उनसे भविष्य में और बड़े प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। लेकिन यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल करने के लिए सिर्फ खिलाड़ियों की मेहनत काफी नहीं होती। उन्हें बेहतर सुविधाएं, सम्मान और बुनियादी समर्थन भी चाहिए। भारत के खिलाड़ी लगातार रिकॉर्ड बना रहे हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या देश की खेल व्यवस्था उनके स्तर के मुताबिक तैयार हो पाई है?
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