रिकॉर्ड बनाया, फिर खुद ढोना पड़ा सामान
वीडियो में दोनों एथलीट एक छोटे से ई-रिक्शा में तंग जगह पर बैठे नजर आए, जबकि उनके लंबे फाइबरग्लास पोल बाहर तक निकले हुए थे। सोशल मीडिया पर यह दृश्य तेजी से वायरल हो गया और लोगों ने भारतीय खेल व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। पोल वॉल्ट ऐसा खेल है जिसमें इस्तेमाल होने वाले उपकरण बेहद महंगे, भारी और संवेदनशील होते हैं। इसके बावजूद देश के शीर्ष खिलाड़ियों को अपना सामान खुद ढोना पड़ा। कई लोगों ने इसे खिलाड़ियों के सम्मान और सुविधाओं की बड़ी कमी बताया।
देव मीणा और कुलदीप कुमार को ई-रिक्शा पर पोल्स रखते हुए देखा गया।
- फोटो : Screengrab from X/@indraneel0
रांची में दिखा ऐतिहासिक मुकाबला
रांची में हुआ पुरुष पोल वॉल्ट फाइनल भारतीय एथलेटिक्स के सबसे रोमांचक मुकाबलों में से एक माना जा रहा है। मुकाबले के दौरान राष्ट्रीय रिकॉर्ड एक ही शाम में दो बार टूटा। कुलदीप कुमार इससे पहले 5.41 मीटर के राष्ट्रीय रिकॉर्ड के साथ मैदान में उतरे थे, जो उन्होंने इसी महीने भुवनेश्वर में बनाया था। लेकिन रांची में देव मीणा ने पहले 5.42 मीटर की छलांग लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद कुलदीप ने 5.45 मीटर पार कर जवाब दिया। माहौल तब और रोमांचक हो गया जब देव मीणा ने भी 5.45 मीटर की छलांग पूरी कर ली। कम असफल प्रयासों की वजह से देव को स्वर्ण पदक मिला, लेकिन दोनों संयुक्त राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक बन गए। दोनों खिलाड़ियों ने इसके बाद 5.50 मीटर की चुनौती भी लेने की कोशिश की।