ओलंपिक क्वालिफायर के लिए इटली में तैयारियां करना भारतीय बॉक्सिंग दल को महंगा पड़ गया। इटली में फैले कोरोना वायरस के चलते ओलंपिक क्वालिफायर खेलने अम्मान (जार्डन) जा रही बॉक्सिंग टीम के पांच सदस्यों को जर्मनी के फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर एक दिन तक फंसे रहना पड़ा।
बाकी टीम किसी तरह विदेशी कोच सेंटियागो के समझाने के चलते जार्डन रवाना कर दी गई, लेकिन खबर लिखे जाने के महिला टीम के चीफ कोच अली कमर, इटालियन कोच राफेल बरगमास्को, 75 किलो क्वालिफायर खेलने जा रहीं बॉक्सर पूजा रानी, मैरी कॉम के कोच छोटे लाल यादव और फीजियो आयुष अम्मान।नहीं पहुंचे हैं, जबकि बाकी टीम जार्डन पहुंच चुकी है।
क्वालिफायर के लिए आठ पुरुष और पांच महिला बॉक्सर असीसी (इटली) में तैयारियां कर रहे थे। इटली इस वक्त कोरोना वायरस की चपेट में है। ज्यादातर यूरोपीय देश इटली से आने वाले लोगों को एयरपोर्ट पर नहीं रुकने दे रहे हैं। इनमें जर्मनी भी शामिल है। भारतीय टीम गुरुवार को रोम से फ्रैंकफर्ट होते हुए अम्मान के लिए निकली।
फ्रैंकफर्ट में टीम को अम्मान की फ्लाइट पकडने के लिए रुकना था। इटली से आने के चलते भारतीय टीम को एयरपोर्ट पर रोक दिया गया। कोच सेंटियागो ने समझाया कि यह भारत की राष्ट्रीय टीम है और ओलंपिक क्वालिफायर खेलने जा रही है। टीम के ज्यादातर सदस्यों को जाने दिया गया, लेकिन जो पांच लोग पीछे रह गए उन्हें रोक लिया गया।
इसके बाद उन्हें सारी जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ा। बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के एक अधिकारी का कहना है कि जांच प्रक्रिया से गुजरने के बाद रह गए सदस्यों की कनेक्टिंग फ्लाइट निकल गई। जिसके चलते उन्हें एयरपोर्ट पर रुकना पड़ा। एक दिन बाद उन्हें अम्मान के लिए रवाना कर दिया गया है। देर रात तक सभी सदस्य अम्मान पहुंच जाएंगे।
कई बॉक्सरों का सामान भी फंसा
सिर्फ बॉक्सिंग टीम के सदस्य ही नहीं बल्कि मैरी कॉम, गौरव सोलंकी, आशीष जैसे बॉक्सरों का सामान भी अब तक अम्मान नहीं पहुंचा है।