मोंटेनेग्रो में चल रहे 30वें एड्रियाटिक पर्ल यूथ टूर्नामेंट में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार खेल जारी है। मुक्केबाज विंका (60 किग्रा) और टी सनामाचा चानू (75 किग्रा) भारवर्ग में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इन दोनों के स्वर्ण पदकों के अलावा भारतीय मुक्केबाजों ने दो रजत और तीन कांस्य भी अपनी झोली में डाले।
इससे पहले भारतीय मुक्केबाज अल्फिया पठान ने 81 किग्रा भारवर्ग में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिलवाया था। 2019 की एशियाई जूनियर चैम्पियन अल्फिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मोलदोवा की डारिया कोजोरेव को 5-0 से हराया। जबकि अन्य मुकाबले में विंका ने फाइनल में मोलदोवा की ही क्रिस्टीना क्रीपर को 5-0 से हराया। वहीं 75 किग्रा भारवर्ग में भारतीय मुक्केबाजों के बीच हुए मुकाबले में मणिपुर की सनामाचा चानू ने राज साहिबा को 5-0 से हराया।
दिन का एक और रजत पदक महिलाओं की स्पर्धा में ही आया, जब गीतिका को 48 किग्रा भारवर्ग के फाइनल में उज्बेकिस्तान की फरजोना फोजिलोवा के हाथों 1-4 से शिकस्त झेलनी पड़ी।
इसके अलावा 57 किग्रा के महिलाओं के सेमीफाइनल में प्रीती को मोंटेनेग्रो की मुक्केबाज बोजाना गोज्कोविक के हाथों 1-4 से हारकर कांस्य से संतोष करना पड़ा। वहीं पुरुषों में प्रियांशु डबास और जुगनू को अपनी-अपनी स्पर्धाओं के सेमीफाइनल में होकर कांस्य से ही संतोष करना पड़ा।