सुंदर पहले सक्षम वर्ग में खेलते थे लेकिन 2015 में एक दुर्घटना में उनका बायां हाथ कलाई से कट गया, जिसके बाद उन्होंने पैरा एथलेटिक्स (एफ-46 भाला फेंक और चक्का फेंक) में खेलना शुरू किया। सुंदर 2016 रियो पैरालंपिक में भाला फेंक स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने के प्रबल दावेदार थे लेकिन जिस दिन स्पर्धा थी, उस दिन अजीब से गफलत हुई और वह टूर्नामेंट स्थल पर नहीं पहुंच सके और डिस्क्वालीफाई हो गये।
अब एशियाई खेलों में दावेदारी के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, 'मैं रियो में पदक का दावेदार था, देखो वहां क्या हुआ। लेकिन इस बार देखते हैं, तैयारी अच्छी हैं और मुझे भगवान पर भरोसा है। मैं बस भारत के लिए जीतना चाहता हूं।' इस साल के शुरू में सुंदर ने हमवतन देवेंद्र झझारिया का 2016 रियो में बनाया गया विश्व रिकार्ड तोड़ा और पेरिस व बर्लिन में हुई विश्व पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री में स्वर्ण पदक जीता। अर्जुन पुरस्कार हासिल कर चुके स्प्रिंटर संदीप मान ने 2014 इंचियोन खेलों में 200 मीटर और 400 मीटर स्पर्धा में दो रजत जबकि 2010 ग्वांग्झू खेलों में एक रजत जीता।
संदीप 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर स्पर्धा में खेलते हैं। उनका बायां हाथ बचपन से ही निष्क्रिय है। उन्होंने कहा, 'मैं स्कूल के दिनों से ही अच्छा दौड़ता था। मैं फर्राटा स्पर्धाओं में भाग लिया करता था। मैंने एक दिन देवेंद्र झझारिया की इंटरव्यू देखा और फिर उनसे मिला भी। तब से वे मेरा समर्थ करते हैं जो उनके आदर्श भी हैं और उन्हीं की तरह उपलब्धियां हासिल करना चाहते हैं। मैंने पहले ही उनकी तरह अर्जुन पुरस्कार और एशियाई पदक जीत लिया है। अब उनके पास खेल रत्न है और मैं भी यही चाहता हूं। जब तक मुझे यह नहीं मिलता, मैं रूकूंगा नहीं।'