बैंकाक में नवंबर माह में होने वाली एशियाई तीरंदाजी चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम का चयन एक माह पहले ट्रायल से होने के बावजूद फिर से कराने की तैयारी की जा रही है। इससे चैंपियनशिप की तैयारियों में जुटे तीरंदाजों में विरोध के स्वर उठने लगे हैं। उन्होंने दोबारा ट्रायल नहीं कराने के लिए साई को पत्र लिखे हैं। यह चैंपियनशिप टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वालिफायर टूर्नामेंट भी है।
साई ने सात से 11 अगस्त को सोनीपत में ट्रायल कराए थे। उस दौरान भी कम समय में ट्रायल कराने का तीरंदाजों ने काफी विरोध किया था, लेकिन ट्रायल की तिथियां नहीं बदली गईं। कई तीरंदाज बीमारी की हालत और विपरीत परिस्थितियों के बीच सोनीपत पहुंचे। इसमें पुरुष रिकर्व में तरुणदीप रॉय, अतानु दास, अतुल वर्मा, बी धीरज और महिलाओं में दीपिका कुमारी, संगीता, सिमरनजीत कौर, अंकिता, पुरुष कंपाउंड में अर्जुन, सुखबीर सिंह, ऋषभ यादव, सुनेंदु डे, महिलाओं में मुस्कान किरार, ज्योति सुरेखा, पूर्वशा और स्वाति का चयन हुआ। इनमें से ज्यादातर तीरंदाजों ने पत्र में लिखा है कि उन्होंने तबियत खराब होने, फिट नहीं होने के बावजूद ट्रायल खेले। अब जब उन्होंने चैंपियनशिप की तैयारी शुरू कर दी है तब फिर से ट्रायल कराने की बात की जा रही है।
अस्थाई कमेटी की ओर से ओलंपियन लालरेमसांगा की अगुआई वाली तीन सदस्यीय चयन समिति को दोबारा ट्रायल कराने पर फैसला लेने की जिम्मेदारी दी गई है।