भारतीय महिला कंपाउंड टीम एक बार फिर अंतिम बाधा पार करने में असफल रही और महज एक अंक से पिछड़कर उसे शनिवार को तीरंदाजी विश्व कप के चौथे और अंतिम चरण में रजत पदक से संतोष करना पड़ा। विश्व कप सर्किट में पहले स्वर्ण पदक की आस लगाए ज्योति सुरेखा वेनाम, मुस्कान किरार और तृषा देब ने 59-57 से बढ़त बना ली थी लेकिन तीसरे सेट में वे पिछड़ गई और फ्रांस की तिकड़ी ने 229-228 के स्कोर से स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
सोफी डोडेमोंट, एमेली सैनसेनोट और सांड्रा हर्वे ने लगातार पांच परफेक्ट 10 का स्कोर बनाया जिससे दूसरे सेट तक उन्होंने 116-116 से बराबरी हासिल की। तीसरे सेट में भारतीय टीम पर दबाव और बढ़ गया क्योंकि उन्होंने खराब छह और फिर आठ से शुरुआत की जबकि फ्रांस की तिकड़ी ने लय कायम रखते हुए स्कोर 174-169 कर दिया। चौथे सेट में भारतीय तिकड़ी ने 60 में से 59 अंक जुटाए लेकिन फ्रांस की टीम एक अंक से विजेता बनी।
सेमीफाइनल में शीर्ष रैंकिंग की तुर्की को हराया
पांचवीं रैंकिंग की भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में शीर्ष रैंकिंग की तुर्की को 231-228 से मात देकर इस सत्र में दूसरे फाइनल में प्रवेश किया था। मई में दूसरे चरण में भी टीम फाइनल में पहुंची थी। विश्व कप के अंताल्या चरण में भारतीय टीम (ज्योति , मुस्कान और दिव्या धयाल) चीनी ताइपे से तीन अंक से हार गई थी। ज्योति ने बाद में कंपाउंड मिश्रित युगल में अभिषेक वर्मा के साथ मिलकर कांस्य पदक दिलाया। ज्योति-अभिषेक ने तुर्की के येसिम बोस्तन और देमिर एलमागसिल को 156-153 से हराया। इस तरह ज्योति और अभिषेक ने मिश्रित टीम स्पर्धा में विश्व कप के चारों चरणों शंघाई, अंताल्या, साल्ट लेक और बर्लिन में पदक जीते।