रियो ओलंपिक के पांचवें दिन की भारत की शुरुआत तीरंदाजी में जीत से हुई लेकिन इसके बाद निशानेबाजी में दुनिया के दूसरे नंबर के निशानेबाज जीतू राय फाइनल से चूक गए तो महिला हॉकी, जूडो और भारोत्तोलन में भी भारत को बुरी हार मिली।
दूसरी ओर, आज से शुरू हुए महिला तीरंदाजी के एकल स्पर्धा में भारतीय तीरंदाज बोंबायला देवी ने आज दो मैच जीतकर अंतिम 16 में जगह बना ली है। अपना तीसरा ओलंपिक खेल रही मणिपुर की 31 साल की बोंबायला ने ऑस्ट्रिया की लाउरेंस को हराया फिर चीनी ताइपे की तीरंदाज को हराकर अंतिम 16 में प्रवेश कर लिया। उन्होंने ऑस्ट्रियाई प्रतिद्वंद्वी से पहला सेट हारने के बाद जोरदार वापसी करते हुए अगले 3 सेट जीत लिए और अगले दौर में पहुंच गईं।
लेकिन निशानेबाजी में जीतू के खराब प्रदर्शन के बाद महिला हॉकी में ऑस्ट्रेलिया ने भारतीय टीम को एकतरफा मुकाबले में 6-1 से हरा दिया। खेल के शुरुआत में ही भारत 0-2 से पिछड़ गया था। भारत की ओर से अंतिम क्षणों में पहला गोल दागा गया जिससे टीम ने हार का अंतर कम कर लिया। लेकिन भारत को 1-6 से बड़ी हार का मुंह देखना ही पड़ा।
वहीं भारोत्तोलन और जूडो में भी भारत के लिए निराशाजनक खबर है। 77 किलो भार वर्ग में भारतीय भारोत्तोलक सतीश सिवालिंगनम चौथे स्थान पर रहे और फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सके। जूडो में भारत की ओर से एकमात्र चुनौती के रूप में रियो आए अवतार सिंह पहले ही दौर में हार गए।
40 साल की उम्र में ओलंपिक करियर की शुरुआत, मिली हार
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इससे पहले भारत के पिस्टल शूटर जीतू राय रियो ओलंपिक में पहले दिन 10 मीटर पिस्टल के फाइनल में पहुंचने के बावजूद 8वें स्थान पर रहकर पदक नहीं जीत पाए थे। बुधवार को उनके पास अपनी अन्य स्पर्धा 50 मीटर पिस्टल में पदक जीतने का मौका था लेकिन 12वें स्थान पर रहकर वह फाइनल की रेस से ही बाहर हो गए। इसके अलावा प्रकाश नानजप्पा भी इसी स्पर्धा में थे और वह पहले ही बाहर हो चुके थे।
दुनिया के दूसरे नंबर के निशानेबाज जीतू का क्वालीफिकेशन राउंड में जोरदार संघर्ष देखने को मिला लेकिन 554 अंक के साथ वह 12वें स्थान पर रहे। फाइनल में प्रवेश करने के लिए शीर्ष 8 में आना जरूरी था, लेकिन कामयाब नहीं हुए।
गोरखा रेजिमेंट के नायब सूबेदार जीतू राय पहला ओलंपिक खेल रहे थे और उनकी चुनौती निराशाजनक रही। उन्होंने 40 साल की उम्र में ओलंपिक करियर की शुरुआत की और ऐसा करने वाले वे भारत के सबसे बुजुर्ग खिलाड़ी बने। पिछले साल विश्व कप के जरिए कोटा दिलाया था। 40 साल की उम्र में नानजप्पा अपना पहला ओलंपिक खेल रहे थे लेकिन उन्होंने जिंदगी में स्वास्थ्य संबंधी कई चुनौतियों को पारकर रियो के मंच तक पहुंचे हैं।
रिफ्यूजी ओलंपिक्स टीम के खिलाड़ी से हार गए अवतार सिंह
अवतार सिंह
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भारोत्तोलन में भी भारत के लिए निराशाजनक खबर है। 77 किलो भार वर्ग में भारतीय भारोत्तोलक सतीश सिवालिंगनम चौथे स्थान पर रहे और फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सके।
उन्होंने कुल 329 किलो का भार उठाया जो उनके ग्रुप में 346 के बेस्ट प्रदर्शन से काफी कम रहा। उन्होंने पहले स्नैच में 143 किलो का वजन उठाया फिर दूसरे स्नैच में 148 किलो लेकिन उन्होंने अपने अंतिम प्रयास में 153 किलो का वजन उठाने की कोशिश की जिसमें नाकाम रहे।
इसके बाद क्लीन एंड जर्क में उन्होंने पहले प्रयास में 176 किलो का वजन उठाया फिर दूसरे प्रयास में 181 किलो का वजन। लेकिन तीसरे प्रयास में वह वजन नहीं उठा सके और फाइनल की रेस से बाहर हो गए।
वहीं जूडो में 24 साल के जूडोका अवतार सिंह भी कुछ कमाल नहीं कर सके। जूडो में भारत की ओर से एकमात्र चुनौती के रूप में रियो आए अवतार सिंह पहले ही दौर में हार गए। उन्हें रिफ्यूजी ओलंपिक्स टीम के पोपोले मिसेंगा से पहले ही दौर में 1-2 से हार गए। रिफ्यूजी ओलंपिक्स टीम की ओर से भाग ले रहे एथलीटों में से यही पहली जीत भी है।
वह यहां तक काफी आर्थिक संकटों का सामना करते हुए पहुंचे थे लेकिन इस संघर्ष को यादगार नहीं बना सके।
महिला हॉकी में भारत की शर्मनाक हार
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ऑस्ट्रेलिया ने तूफानी खेल का प्रदर्शन करते हुए 36 साल बाद ओलंपिक में खेलने उतरी भारतीय महिला हॉकी टीम को एकतरफा अंदाज में 6-1 से हरा दिया। भारत की रियो ओलंपिक में यह लगातार दूसरी हार है।
ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ दूसरे पूल-बी मैच में उसे 0-3 से मुकाबला गंवाने पर मजबूर होना पड़ा था जबकि जापान के साथ भारत ने 2-2 से ड्रॉ खेला था। ऑस्ट्रेलिया की ओर से जोडी केनी (43वें, 46वें मिनट) दो गोल किए जबकि कैथरीन स्लेट्री (5वें), जॉर्जिना मोर्गन (9वें), जेन क्लाक्सटन (35वें) और जॉर्जिना पारकर (36वें) ने एक-एक गोल दागे।
भारत की ओर से एकमात्र गोल थोकचोम अनुराधा ने मैच के आखिरी 8.3 सेकेंड में दागा। दूसरे क्वार्टर की समाप्ति तक ऑस्ट्रेलिया 2-0 से आगे थी। ऑस्ट्रेलिया ने इस मैच में शुरू से लेकर अंत तक अपना दबदबा बनाए रखा। भारतीय महिलाएं गेंद को अपने कब्जे में करने के लिए संघर्षरत दिखीं।
एक समय भारत की हार 0-6 से तय लग रही थी लेकिन अनुराधा ने अंतिम मिनट में भारत के लिए सांत्वना गोल कर हार के अंतर को कम कर दिया। भारतीय टीम बृहस्पतिवार को अमेरिका से खेलेगी। अगले दौर में पहुंचने के लिए भारतीय टीम को ग्रुप स्तर पर बचे अपने दोनों मुकाबलों को जीतने होंगे।