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ओल्टमंस बोले- बर्खास्तगी के लिए हमेशा से था तैयार लेकिन निर्णय का ये सही समय नहीं  

Sun, 03 Sep 2017 01:10 AM IST
amarujala.com- Presented by: नवीन चौहान
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रोलेन्ट ओल्टमंस - फोटो : PTI
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भारतीय हॉकी टीम के कोच पद से बर्खास्त किए जाने के बाद नीदरलैंड के  दिग्गज खिलाड़ी रहे रोलेंट ओल्टमेंस ने कहा, बर्खास्त किए जाने के लिए मैं हमेशा से तैयार था। कोच के रूप में  तकरीबन साढ़े चार साल लंबा उनका कार्यकाल अधिकांशतः सफल ही रहा। 
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भारतीय हॉकी टीम कोच के रुप में  विदेशी खिलाड़ियों के लिए काम करना सोच में अंतर, राष्ट्रीय संघ और नौकरशाही बाधाओं के कारण मुश्किल ही रहा है। इसी वजह से ऑस्ट्रेलिया के रिक चार्ल्सवर्थ, स्पेन के जोस ब्रासा, माइकल नॉब्स, टेरी वाल्स और पॉल वेन एस को भी कुछ इसी अंदाज में टीम से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।    

उनसे जब ये पूछा गया कि साल 2013 में जब उन्हें टीम का हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर नियुक्त किया गया था तब क्या वो इस मुश्किल काम के लिए पूरी तरह तैयार थे तो उन्होंने हामी भरने के अंदाज में कहा, हम सभी विदेशी ये जानते हैं कि भारत में काम करना आसान नहीं है खासकर खेल के क्षेत्र में। लेकिन  जब मैंने ये जिम्मेदारी संभाली मैं इस काम के लिए दिमागी रूप से पूरी तरह तैयार था। ये भी अच्छी तरह मालूम था कि किसी दिन मुझे निकाल दिया जाएगा। लेकिन मैं इसके लिए भी तैयार था। 
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ओल्टमंस ने कहा, उनके मन में कोई गिला शिकवा नहीं है। मैंने टीम के लिए नया रोड मैप तैयार कर दिया है जिसे उसे फॉलो करना है। उन्होंने आगे कहा, मैंने पिछले चार साल में टीम को बहुत से यादगार लम्हें दिए हैं। इन चार सालों में टीम ने अच्छी प्रगति की है मुझे आशा है कि मैंने जो प्रक्रिया शुरू की वो जारी रहेगी। 

उन्होंने इन चार सालों में टीम में सुधार के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई तो उन्होंने कहा, मैंने पहले दिन से ही टीम के लिए दूरदर्शी लक्ष्य स्थापित किए जिससे कि सब कुछ संतुलित रहे और टीम के प्रदर्शन में निरंतरता रहे। मैंने हमेशा कहा है कि भारत को टॉप 3 टीमों बने रहने के लिए 6 साल चाहिए। लेकिन भारत में ये मुश्किल नजर आता है। भारत में लोगों को रातभर में परिणाम चाहिए। लेकिन एक उतार के बाद सुधार की एक लंबी प्रक्रिया होती है। भारत में सबकुछ टूर्नामेंट जीतने पर टिका है। हर कोई प्रशंसकों के नजरिए से सोचता है।  लेकिन इसमें समय लगता है। 

उन्होंने हॉकी इंडिया के साथ अपने संबंधों पर कहा, मैंने यहां कि अथॉरिटी का कभी विरोध नहीं किया। मैं जितने समय भी यहां रहा उसका लुत्फ उठाया।  लेकिन इस निर्णय के लिए ये वक्त सही नहीं था। हमने एशिया कप 2017 और वर्ल्ड लीग फाइनल्स जीत को अपना लक्ष्य बनाया था और अब वह सामने है। 

नीदरलैंड के इस दिग्गज को लगता है कि भारतीय पुरुष हॉकी की सिस्टम ठीक हो गया है और आने वाले समय में वो अच्छा करेगी। हमने टीम को भविष्य के लिए तैयार किया है। मुझे पूरा यकीन है कि हम एशिया कप जीतेंगे साथ ही वर्ल्ड  लीग फाइनल्स  में भी पदक हासिल करेंगे। लेकिन उन्होंने कहा कि नए कोच का अपना काम करने का तरीका होता है वो उसे लागू करेंगे लेकिन ओल्टमंस का मानना है कि टीम एक सही दिशा में जा रही है। 
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