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Nakamura-Gukesh: नाकामुरा ने गुकेश के राजा के मोहरे को दर्शकों के बीच क्यों फेंका? चौंकाने वाली वजह आई सामने

Mon, 06 Oct 2025 01:56 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

नाकामुरा के राजा के मोहरे को दर्शकों के बीच फेंकने की हरकत ने शतरंज प्रेमियों और पूर्व चैंपियनों के बीच तीखी प्रतिक्रिया पैदा की। यह घटना यह भी दर्शाती है कि आधुनिक शतरंज में पेशेवर और मनोरंजक दृष्टिकोण के बीच संतुलन बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है। नाकामुरा ने इवेंट को अपनी दृष्टि से यादगार बताया, वहीं आलोचक इसे खेल की गरिमा के खिलाफ मानते हैं।
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गुकेश और नाकामुरा - फोटो : youtube
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विस्तार
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टेक्सास के आर्लिंगटन में आयोजित 'चेकमेट: भारत बनाम अमेरिका' प्रदर्शनी इवेंट में रविवार को एक विवादास्पद घटना घटी। अमेरिकी ग्रैंडमास्टर हिकारु नाकामुरा ने भारत के युवा ग्रैंडमास्टर और विश्व चैंपियन डी. गुकेश को हराने के बाद उनके राजा के मोहरे को दर्शकों की ओर फेंक दिया। इस निंदनीय कदम ने सोशल मीडिया पर चर्चा और आलोचना का तूफान खड़ा कर दिया। बहुत से लोगों ने कहा कि शतरंज जैसे खेल में इस तरह की विवादित हरकतों की कोई जगह नहीं है।
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आलोचना और विरोध
रूस के पूर्व विश्व चैंपियन और ग्रैंडमास्टर व्लादिमीर क्रैमनिक भी इस घटना की आलोचना में सबसे आगे रहे। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'यह सिर्फ अशिष्टता नहीं है, बल्कि आधुनिक शतरंज के गिरावट का संकेत है।' क्रैमनिक ने एक अन्य पोस्ट में नाकामुरा पर खेल को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने लिखा, 'ऐसे कई खिलाड़ी हैं जो सम्मान और परिपक्व व्यवहार दिखाते हैं। इनमें वेस्ली सो, खुद गुकेश और कई अन्य शामिल हैं। वर्षों से खराब व्यवहार वाले खिलाड़ियों (नाकामुरो) को बढ़ावा देना हमारे खेल को नुकसान पहुंचाता है।'

आयोजनकर्ताओं ने किया था तय
हालांकि बाद में यह रिपोर्ट सामने आई कि राजा के मोहरे को फेंकने की हरकत आयोजकों द्वारा पहले से ही योजना बनाई गई थी। प्रसिद्ध शतरंज विशेषज्ञ लेवी रोजमन ने अपने यूट्यूब चैनल पर बताया, 'बिना संदर्भ के यह एक अप्रत्याशित और असम्मानजनक हरकत लग सकती है। लेकिन आयोजकों ने हमें इसे करने के लिए प्रोत्साहित किया था। मुझे याद है कि अगर मैंने या सागर शाह ने जीत हासिल की, तो हमें राजा के मोहरे को तोड़ना था। यह सब मनोरंजन के लिए था। गुकेश और हिकारु के मैच का विजेता राजा के मोहरे को दर्शकों में फेंकता। मुझे नहीं पता कि गुकेश ऐसा करते या नहीं। हिकारु ने बाद में गुकेश से बात की और बताया कि यह केवल शो के लिए था और कोई अपमान नहीं था।'

नाकामुरा ने भी अपने यूट्यूब चैनल पर अपने अनुभव को साझा किया। उन्होंने कहा, 'यह मेरे सबसे अच्छे व्यक्तिगत अनुभवों में से एक था। हम इतनी लंबे समय से शतरंज खेल रहे हैं कि जीत का जश्न अकेले मनाना सामान्य हो गया है। शतरंज एक ऐसा खेल है जिसमें कभी-कभी आप अपने प्रयासों की कोई पुष्टि महसूस नहीं करते। भारतीय खिलाड़ी, भले ही हार गए, उन्होंने भी शानदार समय बिताया। यह इवेंट मेरी उम्मीदों से कहीं बेहतर था।'

नाकामुरा का नजरिया
नाकामुरा ने इस घटना को केवल इवेंट के शो और मनोरंजन का हिस्सा बताया। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियां दर्शकों के लिए रोमांचक होती हैं और उन्हें यह अनुभव व्यक्तिगत और मजेदार लगा। उन्होंने कहा, 'हमारे लिए जीत का जश्न मनाना आम बात है। लेकिन इस इवेंट ने मुझे और भारतीय खिलाड़ियों को दर्शकों के सामने खेल का आनंद लेने का अवसर दिया। यह अनुभव अनोखा और यादगार था।'
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विवाद की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर इस घटना पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं। कई शतरंज प्रेमियों ने इसे अशिष्ट, असभ्य और खेल का अपमान बताया। आलोचकों का कहना है कि राजा का मोहरा शतरंज का प्रतीक है और इसे इस तरह फेंकना अनुचित है, खासकर जब यह विश्व चैंपियन जैसे प्रतिष्ठित खिलाड़ियों के खिलाफ किया गया हो। इस घटना ने शतरंज समुदाय में यह बहस छेड़ दी कि क्या खेल में मनोरंजन के लिए इस तरह की नाटकीय हरकतें स्वीकार्य हैं या नहीं।
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