हाईकोर्ट ने रियो ओलंपिक के लिए पहलवान नरसिंह पंचम यादव के चयन को चुनौती देने वाले पहलवान सुशील कुमार के समक्ष कई सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि जिस नीति के तहत आप तीन बार ओलंपिक में गए, उसी नीति को कैसे चुनौती दे सकते हैं। नरसिंह ने वर्ल्ड कुश्ती में पदक जीतकर ओलंपिक में सीट पक्की की है, स्पष्ट है कि वह इसके लिए योग्य हैं।
अदालत ने हालांकि सुनवाई गुरुवार को भी जारी रखने का निर्णय किया। लेकिन इशारों में उन्होंने नरसिंह के चयन को उचित ठहराया है। न्यायमूर्ति मनमोहन ने सुनवाई के दौरान एक बार फिर डब्ल्यूएफआई को आड़े हाथ लिया। अदालत ने कहा कि महासंघ के ग्रुप में फाइट चल रही है।
महासंघ के उपाध्यक्ष राज सिंह ने जो शपथपत्र दायर किया है उससे इसकी पुष्टि होती है। राज ने कोर्ट को गुमराह करने का प्रयास किया है, वे महासंघ के निर्णय के खिलाफ कैसे जा सकते हैं? वे यह कैसे कह सकते हैं कि रियो के लिए सीट पक्की होने के बावजूद ट्रायल होना चाहिए।