फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gukesh Tamil or Telugu: दो राज्यों में चैंपियन गुकेश की विरासत को लेकर लड़ाई, स्टालिन और चंद्रबाबू आमने-सामने

Fri, 13 Dec 2024 02:51 PM IST
स्वप्निल शशांक स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

सोशल मीडिया पर इसको लेकर जंग छिड़ गई है। फैंस लगातार इस पर अपनी राय दे रहे हैं। वह कहां से हैं, इसे बताने को लेकर फैंस भिड़ रहे हैं। इनमें से ज्यादातर फैंस दक्षिण भारत के हैं।
विज्ञापन
डी गुकेश - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शतरंज के नए विश्व चैंपियन डी गुकेश को लेकर आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के बीच क्रेडिट लेने की लड़ाई शुरू हो चुकी है। दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने उन्हें उनके राज्य के होने का दावा किया है। गुकेश की विरासत को लेकर लड़ाई दो राजनीतिक पार्टियों के बीच लड़ाई भी मानी जा रही है। गुकेश की जीत के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने सबसे पहले पोस्ट किया था।
विज्ञापन

स्टालिन ने क्या पोस्ट किया?
डीएमके नेता ने गुरुवार शाम 7.25 बजे एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- उल्लेखनीय उपलब्धि... चेन्नई से एक और विश्व चैंपियन निकला और इस शहर को वैश्विक शतरंज राजधानी के रूप में अपनी जगह पक्की करने में मदद की।' स्टालिन ने युवा चैंपियन को स्वर्ण पदक पहनाते हुए अपनी एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'तमिलनाडु को आप पर गर्व है।'

नायडू ने क्या पोस्ट किया?
दो मिनट बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू का ट्वीट आया। टीडीपी नेता ने गुकेश की तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'हमारे अपने तेलुगु लड़के को हार्दिक बधाई। पूरा देश आपकी अविश्वसनीय उपलब्धि का जश्न मनाता है। आने वाले दशकों में आपको और अधिक जीत और प्रशंसा मिलती रहें। इसके लिए शुभकामनाएं।'

गुकेश को लेकर सोशल मीडिया पर भिड़े फैंस
इसके बाद से सोशल मीडिया पर इसको लेकर जंग छिड़ गई है। फैंस लगातार इस पर अपनी राय दे रहे हैं। वह कहां से हैं, इसे बताने को लेकर फैंस भिड़ रहे हैं। इनमें से ज्यादातर फैंस दक्षिण भारत के हैं। कई फैंस ने लिखा कि तमिलनाडु ने शतरंज स्टार के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता प्रदान की है। 'साइबोर्ग' नाम के एक एक्स यूजर ने अप्रैल की एक न्यूज रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट पोस्ट किया जिसमें कहा गया था कि तमिलनाडु सरकार ने उन्हें 75 लाख रुपये का गिफ्ट दिया। उन्होंने लिखा- यह सवाल पूछने के लिए भी आपकी धृष्टता की सराहना करनी होगी। यह केवल एक उदाहरण है कि तमिलनाडु सरकार ने गुकेश के लिए क्या किया।



एक अन्य यूजर उरावन्ना ने कहा, 'शतरंज के ग्रैंडमास्टर गुकेश डोम्माराजू को तमिलनाडु का समर्थन हासिल था। इसने उनके करियर में मदद की। अब तेलुगु राज्य ने वही करना शुरू करना चाहिए जो तमिल प्रतिभा को पोषित करने के लिए करते हैं।' एक तीसरे उपयोगकर्ता ने मुकेश ने लिखा था, 'गुकेश तमिल हैं। जैसे मैं एक हूं। तमिलनाडु की शतरंज संस्कृति, तमिलनाडु के इन्फ्रास्ट्रक्चर ने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कोई अन्य राज्य श्रेय नहीं ले सकता। ऐसा नहीं है कि यह मायने रखता है। वह एक भारतीय हैं। लेकिन देश के किसी हिस्से में उनके वंश और जाति का पता लगाना मजेदार है।'

हालांकि, हर कोई सहमत गुकेश के तमिल होने के दावे पर सहमत नहीं लग रहा था। एक सोशल मीडिया यूजर ने मुकेश को जवाब देते हुए लिखा, 'राज्य, भाषा की जातीयता के बराबर नहीं है। आप तमिलनाडु से तेलुगू हैं, इसलिए गुकेश भी हैं।' उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका के होने वाले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की पत्नी उषा वेंस का भी उदाहरण दिया। सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, 'उषा वेंस तेलुगु विरासत की एक अमेरिकी नागरिक हैं।'
विज्ञापन

तेलुगु पक्ष से गुकेश का सबसे मजबूत बचाव एक एक्स हैंडल 'द तेलुगु कलेक्टिव' से आया। इस यूजर ने एक लंबे पोस्ट में जातीयता और अधिवास स्थिति को परिभाषित करने की मांग की। उसने लिखा, 'तमिल एक जातीयता है। यह कुछ ऐसा है जिसमें कोई पैदा हो सकता है। अगर आपके माता-पिता तमिल नहीं हैं, लेकिन आप तमिलनाडु में रहते हैं तो आप तमिलनाडु के निवासी हैं। गुकेश जातीयता से एक तेलुगु हैं और वह तेलुगु माता-पिता से पैदा हुए हैं। वह तमिल नहीं है। हालांकि, तमिलनाडु के निवासी होने के नाते वह तमिलनाडु के तेलुगु निवासी हैं।' एक अन्य यूजर ने लिखा, 'गुकेश तेलुगू या तमिल हैं, इससे क्या फर्क पड़ता है? उन्होंने भारत के लिए पदक जीता।'
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें