गोलरक्षक और उपकप्तान सविता पूनिया कहती हैं कि भारतीय महिला हॉकी टीम की लड़कियां बहुत समय से साथ-साथ खेल रही हैं और टीम बहुत सधी हुई है। उनका कहना है कि इससे भारत को अमेरिका के खिलाफ नवंबर भुवनेश्वर में होने वाले ओलंपिक क्वॉलिफायर्स में कामयाब होने में बेशक मदद मिलेगी। ओलंपिक क्वॉलिफायर्स से पहले भारतीय महिला हॉकी टीम ब्रिटेन के खिलाफ इंग्लैड में 27 सितंबर से 4 अक्टूबर तक पांच मैचों की सीरीज हॉकी सीरीज खेलेगी।
सविता कहती हैं, 'हमने 2016 में 36 बरस के बाद रियो ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई किया था। अब हमारा लक्ष्य है टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई करना है। हम भुवनेश्वर में ओलंपिक क्वॉलिफायर्स में कामयाब होने का पूरा भरोसा है।
इस महीने के आखिर में ब्रिटेन के खिलाफ इंग्लैंड मे पांच मैचों की सीरीज के लिए चुनी गई भारतीय खिलाड़ी लंबे समय से साथ साथ एक इकाई के रूप में खेल रही हैं। हम सभी एक दूसरे के खेल से बखूबी वाकिफ हैं। ब्रिटेन और अमेरिका की टीमें एक ही शैली की हॉकी खेलती हैं। ब्रिटेन के खिलाफ सीरीज से हमें खुद को ओलंपिक क्वॉलिफायर्स के लिए बढिय़ा ढंग से तैयारी में मदद मिलेगी। हमारी टीम में वाकई कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं और जो अभी हाल ही में टीम से जुड़ी हैं वे भी बेहद प्रतिभाशाली हैं। ऐसें आने वाले महीनों में वाकई रोचक हॉकी की आस कर रही हूं।'
उन्होंने कहा, 'मैं और बतौर गोलरक्षक मेरी जोड़ीदार रजनी इतिमारपू लंबे समय से भारतीय टीम में साथ साथ खेल रही हैं। हम दानों एक दूसरे को खेल मे बहुत मदद करती हैं। हम दोनों एक दूसरे की कामयाबी पर बहुत खुश होती हैं और टीम खेल में यह सबसे अहम है। मैं उम्मीद करती हूं कि इससे हमारी भारतीय टीम को टोक्यो ओलंपिक के लिए क्वॉलिफाई करनी में मदद मिलेगी। जब रजनी मैदान से बाहर रह कर मेरा खेल देखकर मेरे खेल की बाबत मुझे बताती है तो इससे बहुत मदद मिलती है। जब रजनी मैदान पर खेल रही होती है और मैं मैदान से बाहर रहती हूं तो मैं उन्हें खेल की बाबत जरूरी सुझाव देती हूं।'