मेरा मानना है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली जी का बजट युवाओं की उम्मीदों पर खरा उतरने वाला है। युवाओं की सबसे बड़ी उम्मीद रोगजार है, साथ ही उनकी निगाहें खेलों पर लगी रहती हैं। इस बजट में दोनों के लिए ही कुछ न कुछ है। सबसे बड़ी बात यह है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट में अगले वर्ष तक 70 लाख रोजगार सृजन करने की बात कही है। अगर सरकार इस वादे को पूरा कर पाती है तो देश के युवाओं के लिए इससे अच्छी बात और कोई नहीं होगी। कॉलेज से निकले युवाओं के के हाथ में नौकरी होने से उन्हें कई फायदे मिलेंगे। एक तो परिवार तनाव मुक्त होगा और युवाओं के भविष्य के रास्ते खुलेंगे।
बजट में एक बात और अच्छी है रोजगार के साथ युवाओं को व्यापार के जरिए आत्मनिर्भर बनाने की बात कही गई है। मुद्रा योजना के तीन हजार करोड़ की राशि निर्धारित की गई है, यानि युवाओं को स्टार्ट अप के लिए भी सरकार राशि उपलब्ध कराएगी। यह सकारात्मक कदम है।
रोजगार और व्यापार दोनों में युवाओं को सरकार का साथ मिले तो इससे अच्छी बात और कोई नहीं हो सकती। हालांकि मैं एक बात जरूर कहना चाहूंगी कि सरकार ने रोजगार देने की जो घोषणा की है उसे पूरा भी करे। सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि
बजट में खेलो इंडिया को महत्ता देते हुए 170 करोड़ रुपये बढ़ाकर कुल 520 करोड़ का बजट इस योजना के लिए रखा गया है।
मुझे लगता है कि जिस तरह से प्रधानमंत्री ने बुधवार को इन खेलों का रंगारंग आगाज किया है, उससे यह खेल जरूर सफल होंगे और यह योजना सफल हुई तो इसके देर-सवेर परिणाम देखने को जरूर मिलेंगे। मुझे पूरा विश्वास है कि यह योजना देश में खेलों की काया पलट सकती है। हालांकि सरकार को इस साल होने वाले एशियाई खेलों और टोक्यो ओलंपिक खेलों की तैयारियों के लिए भी बजट में बड़ी राशि निर्धारित करनी चाहिए थी।