पुरूष एकल में साथियान ने शुरू में सिंगापुर के कोह डोमिनिक सोंग जुन को 11-6, 11-4, 11-5 से और फिर ईरान के नोशाद अलामियां को 8-11, 11-7, 11-6, 11-5 से हराया। पुरूष युगल में साथियान और अचंता शरत कमल की जोड़ी हालांकि पदक दौर में पहुंचने में नाकाम रही। उन्हें चीन के लियांग जिंगकुन और लिन गाओयुवान से 6-11, 12-10, 7-11, 11-8, 7-11 से हार झेलनी पड़ी। एकल में शरत और हरमीत देसाई पहले दौर से आगे नहीं बढ़ पाए।
साथियान के अलावा एंथनी अमलराज और मानव ठक्कर ही अगले दौर में जगह बना पाए। इसके आगे केवल साथियान ही प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंच पाये थे। अमलराज को ताइपै के चेन चिन अन से 6-11, 8-11, 8-11 से जबकि मानव को ताइपै के एक अन्य खिलाड़ी लियो चेंग टिंग से 9-11, 6-11, 3-11 से हार का सामना करना पड़ा। शरत को जापान के ताकुया जिन ने 11-4, 5-11, 11-7, 6-11, 12-14 से जबकि हरमीत देसाई को कोरिया के यांग वूजिन ने 7-11, 11-2, 11-5, 11-5 से हराया।
महिला खिलाड़ियों में केवल आयहिका ही प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंच पायी जहां उनहें तीन बार की विश्व चैंपियन और मौजूदा ओलंपिक चैंपियन चीन की डिंग निंग से 5-11, 13-11, 4-11, 9-11 से हार झेलनी पड़ी। मनिका बत्रा को राउंड 32 में ही जापान की हितोमी सातो से 9-11, 8-11, 4-11 से और अर्चना को सिंगापुर की फेंग तियानवेइ से 9-11, 9-11, 11-9, 4-11 से पराजय मिली।